Gyanvapi Case... वकील ने ये हवाला देते हुए मांगी अगली तारीख, कोर्ट ने लगा दिया जुर्माना

ज्ञानवापी मामले में सुनवाई के वक्त कोर्ट में खराब सेहत का हवाला देकर मौजूद न होना, हिंदू पक्ष के एक वादी के वकील को उस वक्त भारी पड़ गया, जब वकील ने अगली तारीख मांग ली. इस पर कोर्ट ने ₹1000 जुर्माना लगाते हुए उनके प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया.

Advertisement

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 16 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:44 PM IST

ज्ञानवापी मामले में सुनवाई के वक्त कोर्ट में खराब सेहत का हवाला देकर मौजूद न होना, हिंदू पक्ष के एक वादी के वकील को उस वक्त भारी पड़ गया, जब वकील ने अगली तारीख मांग ली. इस पर कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार तो किया. साथ ही एक हजार रुपये जुर्माना लगा दिया. कोर्ट ने ये जुर्माना वादी संख्या-4 मृतक हरिहर पांडेय के बेटों पर लगाया. मामले में अगली सुनवाी 21 फरवरी को होगी. 

Advertisement

बताते चलें कि वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहे ज्ञानवापी केस से संबंधित मुकदमा संख्या 610/1991 में केस के वादी संख्या-4 हरिहर पांडेय के अधिवक्ता की तरफ से अनुपस्थित होने पर दाखिल प्रार्थना पत्र दिया था.

यह भी पढ़ें: 'दोबारा हो सकता है 6 दिसंबर...', ज्ञानवापी केस में कोर्ट के फैसले पर ओवैसी का बयान

इसमें अस्वस्थता के चलते अगली तारीख मांगी गई थी. इस पर कोर्ट ने ₹1000 जुर्माना लगाते हुए उनके प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया. मालूम हो कि इस मामले में साल 1991 से केस लड़ते चले आ रहे वादी मुकदमा एवं वादमित्र वकील विजय शंकर रस्तोगी को केस हटाने और वादी संख्या-4 हरिहर पांडेय की मौत के बाद उनके बेटों को अगला वादी बनाने के लिए वकील विष्णु शंकर जैन की तरफ से एप्लीकेशन कोर्ट में दी गई थी. 

Advertisement

बीते दिनों इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मुस्लिम पक्षों की आपत्तियों को खारिज करते हुए वापस केस एफटीसी कोर्ट में चलाए जाने और 6 महीने के अंदर निस्तारण करने का आदेश दिया था. इस केस में 8 अप्रैल 2021 को सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत ने पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया था. इसके खिलाफ मुस्लिम पक्ष उच्च न्यायालय पहुंचा था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »