ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के पास चलती स्लीपर बस में आग लग गई. इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद अब बस में लगी आग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. इस बस हादसे पर सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए को आर्थिक मदद यूपी सीएम की ओर से की जाएगी. बस हादसे में 30 लोगों को पुलिस और रेस्क्यू टीम दल ने सुरक्षित बचाया है.
बस में सवार यात्री सुनील कुमार ने हादसे की पूरी कहानी बताई है. सुनील की शिकायत पर ही इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है. सुनील ने इंडिया टुडे से बात करते हुए बताया कि आग लगने से पहले बस में धुआं और बदबू महसूस होने लगी थी. कुछ यात्रियों ने ड्राइवर से बस रोकने को कहा था. लेकिन बस नहीं रोकी गई.
सुनील का कहना है कि घटना तकरीबन बुधवार देर रात 11.30 बजे की है. उस समय कुछ यात्री सो रहे थे और कुछ जाग रहे थे. रात में बस के अंदर ज्यादातर लोग सोने की तैयारी में थे. इसी दौरान यात्रियों को बदबू आने लगी. कुछ लोगों ने ड्राइवर को इसकी जानकारी दी. इतना ही नहीं यात्रियों ने ड्राइवर से बस रोकने के लिए भी कहा. हालांकि बस ड्राइवर ने उनकी बात को अनसुना कर दिया.
'जब धुआं ज्यादा हुआ, तब बस रोकी'
बस से सफर कर रहे यात्री सुनील ने बताया कि जब बस के अंदर धुआं तेजी से भरने लगा और आग फैलने लगी, तब जाकर बस रोकी गई. उनका दावा है कि उस दौरान ड्राइवर और कंडक्टर मौके से भाग गए थे. बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई.
सुनील ने कहा कि हादसे के समय जब बस से धुआं निकल रहा था तब ड्राइवर गुटखा, पान और बीड़ी-सिगरेट पी रहा था. जब यात्रियों ने बस रोकने को कहा, तब ड्राइवर की हंसने की आवाज भी सुनाई दे रही थी. उनसे सब की बातों को अनसुना कर अपनी मनमानी की.
सुनील ने बताया कि बस में आग लगने के बाद मौजूद यात्रियों ने खुद लोगों को बचाने की कोशिश की. बस में आग बुझाने वाला सिलेंडर था. लेकिन उससे आग नहीं बुझ रही थी. इसके बाद बस के अंदर से लोगों के चीखने और मदद के लिए आवाजें आने लगीं.
सुनील ने बताया कि मैंने आग बुझाने वाले सिलेंडर से बस की खिड़की का शीशा तोड़ने की भी कोशिश की. अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए सब जुट गए. लेकिन आग बहुत तेजी से फैल रही थी. कई लोग बस के अंदर ही फंस गए. हादसे का शिकार 9 लोग हो गए. वे बस से बाहर नहीं निकल पाए. उन्हें बाहर आने का पर्याप्त समय नहीं मिला. हादसे में 9 यात्रियों ने अपनी जान गंवा दी.
'अगर समय पर बस साइड में लगती तो लोग बच जाते'
सुनील का कहना है कि अगर बस समय रहते सड़क किनारे लगा दी जाती, तो यात्रियों को बाहर निकलने का मौका मिल सकता था. उन्होंने बताया कि घटना के समय कई यात्री सो रहे थे. रात करीब 11.30 बजे के आसपास आमतौर पर यात्री सो जाते हैं.
हादसे के वक्त बस में चीख-पुकार मच गई थी. कुछ यात्री किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे. बाहर आने वाले एक यात्री ने उस समय का वीडियो भी बनाया. वीडियो में बस आग की लपटों से घिरी दिखाई दे रही है. सुनील ने कहा कि जब आग तेजी से फैल रही थी, तब बस के अंदर से लोगों की आवाजें आ रही थीं. बाहर मौजूद यात्री भी उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन आग इतनी तेज थी कि अंदर जाना बेहद मुश्किल हो गया था.
दिल्ली से महोबा जा रही थी बस
दरअसल, यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे जेवर थाना क्षेत्र में चलती स्लीपर बस में आग लगी थी. बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार बताए गए थे. आग के बाद कई यात्रियों ने बस से कूदकर जान बचाई. हालांकि 9 लोग बस से बाहर नहीं निकल पाए. हादसे में उनकी मौत हो गई.
बस में 40 यात्री सवार थे वे. राज कल्पना ट्रैवल्स की बस नंबर BR32 PA8647 दिल्ली से महोबा जा रही थी. इस ट्रैवलर की ज्यादा सर्विस यूपी, एमपी के लिए ज्यादा सर्विस है. हालांकि अभी तक हादसे की सही वजह सामने नहीं आई है.
अब सुनील कुमार के बयान और उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. हादसे के दौरान ड्राइवर और कंडक्टर की भूमिका भी जांच के दायरे में है. आग किस वजह से लगी और बस को समय रहते क्यों नहीं रोका गया, इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे.
अरविंद ओझा