दो विदेशी बिजनेस वीजा पर भारत आए. एक जगह टिककर नहीं रहे. जहां ड्रग्स पहुंचानी होती, उसके आसपास स्टूडियो अपार्टमेंट किराये पर लिया और काम शुरू. ग्राहक भी आमने-सामने नहीं, ऑनलाइन मिलते थे. फिर ड्रग्स पहुंचाने के लिए ऐप और बाइक टैक्सी का सहारा... ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर पुलिस ने ऐसे ही आरोपों में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों के पास से 600 ग्राम MDMA बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है.
गिरफ्तार आरोपी आइवरी कोस्ट और घाना के रहने वाले हैं. दोनों पैरामाउंट सोसायटी स्थित पाइन टावर के एक स्टूडियो अपार्टमेंट में रह रहे थे. आरोपियों के पास से 1.19 लाख रुपये कैश, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, पैकिंग पॉलिथीन, दो पासपोर्ट, दो मोबाइल फोन और दो बैग भी मिले हैं. ये कहानी मंगलवार सुबह करीब 7 बजे की है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी सेक्टर-130 मीटर रोड पर पैरामाउंट सोसायटी के सामने एक ऑटो से उतरे थे. इसी दौरान उनकी नजर पुलिस की गाड़ी पर पड़ी.
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इसके बाद दोनों भागने लगे. पुलिस का कहना है कि भागते वक्त आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन जमीन पर पटककर तोड़ दिए. इतना ही नहीं, एक बैग झाड़ियों में भी फेंक दिया. पुलिसकर्मियों ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया और दोनों को पकड़ लिया. तलाशी ली गई तो MDMA समेत बाकी सामान बरामद हुआ. पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बरामद मैटेरियल के बारे में गुमराह करने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने इसे 'घोड़े का खाना' बताया.
जहां सप्लाई, वहीं किराये का कमरा
पुलिस की जांच में एक और बात सामने आई है. दोनों आरोपी किसी एक जगह पर लगातार नहीं रहते थे. दिल्ली-NCR में जिस इलाके में ड्रग्स की सप्लाई करनी होती, उसके आसपास स्टूडियो अपार्टमेंट किराये पर लेकर ठहर जाते थे. फिलहाल दोनों ग्रेटर नोएडा की पैरामाउंट सोसायटी के पाइन टावर स्थित एक स्टूडियो अपार्टमेंट में रह रहे थे.
पुलिस अब यह पता कर रही है कि दोनों भारत कब आए थे, कितने समय से यहां रह रहे थे और उनके बिजनेस वीजा की अवधि क्या थी. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने हाल में वीजा रिन्यूवल भी कराया था.
सोशल मीडिया पर ग्राहक, फिर रेव पार्टी तक डिलीवरी
पुलिस के मुताबिक, ड्रग्स का नेटवर्क ऑनलाइन चलाया जा रहा था. सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क किया जाता था. इसके बाद ड्रग्स की डिलीवरी के लिए ऑनलाइन माल परिवहन सेवा ऐप और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया जाता था.
पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी मुख्य रूप से अफ्रीकी मूल के लोगों और दिल्ली-NCR के कॉलेज छात्रों को ड्रग्स सप्लाई करते थे. MDMA को कथित तौर पर 2 हजार से 4 हजार रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर बेचा जाता था. यानी ग्राहक से संपर्क से लेकर डिलीवरी तक, पूरी व्यवस्था मोबाइल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चलाने की कोशिश की जाती थी.
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पकड़े जाने से पहले दोनों ने अपने मोबाइल फोन तोड़ दिए थे. लेकिन पुलिस ने दोनों फोन कब्जे में ले लिए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है. अब पुलिस की नजर इन्हीं मोबाइल फोन पर है. इनके जरिए ऑनलाइन चैट, संभावित खरीदारों, ड्रग्स सप्लाई करने वाले लोगों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है.
पुलिस को आशंका है कि दिल्ली-NCR में कहीं अवैध तरीके से मादक पदार्थ तैयार किए जा रहे हैं और वहीं से आरोपियों तक खेप पहुंच रही थी. हालांकि, यह फिलहाल पुलिस की जांच का हिस्सा है और इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी. पुलिस दोनों के पास मिले पासपोर्ट और वीजा दस्तावेजों की भी जांच कर रही है.
फिलहाल दो विदेशी नागरिक पुलिस की गिरफ्त में हैं. 600 ग्राम MDMA, टूटा हुआ मोबाइल, स्टूडियो अपार्टमेंट और ऑनलाइन डिलीवरी का यह पूरा कनेक्शन अब पुलिस की जांच के दायरे में है.
अरुण त्यागी