लिफ्ट रुकी, बच्चे रोने लगे... 13 लोग 20 मिनट तक अंदर कैद, फिर ऐसे खुला गेट

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में सोमवार शाम पैसेंजर लिफ्ट अचानक बीच फ्लोर पर रुक गई. लिफ्ट में छोटे बच्चों और बुजुर्गों समेत 13 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे. अंदर गर्मी बढ़ने पर लोगों की हालत खराब होने लगी. बच्चों के रोने की आवाज सुनकर बाहर मौजूद लोगों को घटना का पता चला और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

Advertisement
गर्मी बढ़ने से लिफ्ट के अंदर बिगड़ने लगी लोगों की हालत. (Photo: ITG) गर्मी बढ़ने से लिफ्ट के अंदर बिगड़ने लगी लोगों की हालत. (Photo: ITG)

अरुण त्यागी

  • ग्रेटर नोएडा ,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:52 PM IST

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब टावर M की पैसेंजर लिफ्ट अचानक रुक गई. लिफ्ट में उस समय कुल 13 लोग सवार थे. इनमें छोटे बच्चे और सीनियर सिटीजन भी शामिल थे. सभी लोग ऊपरी फ्लोर से नीचे की तरफ आ रहे थे. बताया जा रहा है कि लिफ्ट अचानक झटके के साथ बीच फ्लोर पर रुक गई. लिफ्ट रुकते ही अंदर मौजूद लोगों को समझ नहीं आया कि क्या हुआ. कुछ देर इंतजार करने के बाद लोगों ने मदद के लिए कोशिश शुरू की.

Advertisement

लिफ्ट में फंसे लोगों ने मदद के लिए कई बार इंटरकॉम का इस्तेमाल किया. इसके साथ ही इमरजेंसी अलार्म भी बजाया गया. आरोप है कि काफी देर तक कोई मदद के लिए नहीं पहुंचा. इसके बाद लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों ने गेट भी बजाना शुरू कर दिया. लिफ्ट में बच्चों और बुजुर्गों के होने के कारण स्थिति और परेशान करने वाली हो गई. अंदर गर्मी बढ़ने लगी और लोगों की हालत खराब होने लगी. करीब 20 मिनट तक लोग लिफ्ट के अंदर ही फंसे रहे.

बच्चों के रोने की आवाज से बाहर चला पता

घटना की जानकारी बाहर मौजूद लोगों को तब हुई, जब उन्होंने लिफ्ट के अंदर से बच्चों के रोने की आवाज सुनी. आवाज सुनकर लोगों को अंदाजा हुआ कि लिफ्ट में कुछ लोग फंसे हुए हैं. इसके बाद सोसायटी में मौजूद लोगों ने तुरंत सुरक्षा गार्ड और मेंटिनेस टीम को सूचना दी. लोगों की सूचना के बाद लिफ्ट को बाहर से खोलने और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश शुरू हुई. करीब 20 मिनट बाद लिफ्ट को फर्स्ट फ्लोर पर लाया गया. इसके बाद उसका गेट खोला गया और अंदर फंसे सभी 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

Advertisement

लिफ्ट का गेट खुलने के बाद एक-एक करके सभी 13 लोग बाहर निकले. इनमें बच्चे और सीनियर सिटीजन भी शामिल थे. काफी देर तक बंद लिफ्ट में रहने के कारण लोगों में परेशानी और घबराहट का माहौल रहा. इस घटना के बाद सोसायटी में लिफ्ट की सुरक्षा और उसके रखरखाव को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. निवासियों का कहना है कि लिफ्ट जैसी जरूरी सुविधा में किसी तरह की लापरवाही लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है.

सोसायटी निवासी दिनकर पांडेय ने लिफ्ट के रखरखाव को लेकर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि लिफ्ट के रखरखाव में लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं. दिनकर पांडेय के मुताबिक, सोसायटी में लिफ्ट अटकना आम बात हो गई है. उनका कहना है कि आए दिन लोग लिफ्ट में फंस रहे हैं. ऐसे में किसी दिन स्थिति गंभीर हो सकती है.

नियमित रखरखाव और तत्काल मदद की मांग

लिफ्ट में 13 लोगों के फंसने की घटना के बाद सोसायटी के निवासियों ने लिफ्ट के नियमित रखरखाव की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर लिफ्ट में खराबी आती है तो अंदर फंसे लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए. निवासियों का कहना है कि लिफ्ट रोजमर्रा की जिंदगी की जरूरी सुविधा है और इसके रखरखाव में लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

Advertisement

लोगों ने मांग की है कि लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि दोबारा लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. सोमवार शाम हुई इस घटना में राहत की बात यह रही कि करीब 20 मिनट बाद लिफ्ट को फर्स्ट फ्लोर पर लाकर खोल दिया गया और अंदर फंसे सभी 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हालांकि, घटना ने सोसायटी में लिफ्ट के रखरखाव और खराबी के समय तत्काल मदद मिलने की व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »