ऑनलाइन सट्टेबाजी की आड़ में लाखों की जालसाजी, 'रेडी अन्ना' से जुड़े 5 आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल ‘रेडी अन्ना’ के जरिए सट्टेबाजी और साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है. शाहपुर इलाके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने 23 मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, 11 ATM कार्ड, बैंक पासबुक, बायोमेट्रिक डिवाइस और कई दस्तावेज बरामद किए हैं. गिरोह रोज लाखों रुपये का लेनदेन करता था.

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23 मोबाइल और 11 ATM बरामद.(Photo: Ramesh Kumar/ITG) 23 मोबाइल और 11 ATM बरामद.(Photo: Ramesh Kumar/ITG)

गजेंद्र त्रिपाठी

  • गोरखपुर,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:05 PM IST

गोरखपुर में ऑनलाइन सट्टेबाजी की आड़ में लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. शाहपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ‘रेडी अन्ना’ नाम के ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग सट्टेबाजी के लिए अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल कर रकम का लेनदेन करते थे.

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एसपी सिटी निमिष पाटिल ने पुलिस लाइंस स्थित व्हाइट हाउस में मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि आरोपियों ने सेमरा नंबर-2 में पानी की टंकी के पास एक मकान को ठिकाना बना रखा था. यहां बैठकर वे वेबसाइट के जरिए सट्टा लगवाते और लोगों को झांसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाते थे.

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पुलिस को सूचना मिली थी कि मकान में कुछ लोग ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर अवैध सट्टेबाजी और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए धनराशि का लेनदेन कर रहे हैं. टीम ने छापा मारकर वहां मौजूद पांच लोगों को पकड़ लिया. पूछताछ में वे उन बैंक खातों के खाताधारकों के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी या वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके.

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म्यूल खातों से रोज लाखों का लेनदेन

जांच में पता चला कि आरोपी ‘रेडी अन्ना’ पोर्टल का पैनल खरीदकर उसकी एक ब्रांच की तरह अपना कार्यालय चला रहे थे. सट्टे की रकम के लिए वे लोगों को बहला-फुसलाकर कई म्यूल और फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे. इन खातों में रकम जमा होने के बाद सट्टेबाजी से जुड़ा लेनदेन किया जाता था.

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए प्रतिदिन लाखों रुपये की धनराशि का ट्रांजेक्शन होता था. रकम मिलने के बाद आरोपी उसे आपस में बांट लेते थे. गिरोह के काम करने का तरीका सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में किन लोगों की रकम पहुंची और नेटवर्क का संचालन कहां-कहां से किया जा रहा था.

पुलिस ने 20 अगस्त को देवरिया के बनकटा थाना क्षेत्र के बासोपट्टी निवासी नितीश सिंह, श्रीरामपुर थाना क्षेत्र के बंगरुआ निवासी अभय कुमार सिंह, मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के अरसौली निवासी वजीद चौधरी और साहिल चौधरी तथा बिहार के सिवान जिले के नौतन थाना क्षेत्र के नारायनपुर निवासी मुन्ना कुमार को गिरफ्तार किया. इनके साथी नितिश प्रताप सिंह, संजीव सिंह और सुनीश कुमार सिंह फरार बताए गए हैं.

23 मोबाइल, ATM और बैंक दस्तावेज बरामद

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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, एक मिनी लैपटॉप और 3 टैबलेट बरामद किए हैं. इसके अलावा 11 ATM कार्ड, 16 बैंक पासबुक, एक एडाप्टर, पांच मोबाइल चार्जर, डेटा केबल, बायोमेट्रिक डिवाइस, OTG, पावर बैंक और राउटर भी मिला है. पुलिस को दो पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, एक निर्वाचन कार्ड, साइंटिफिक कैलकुलेटर और अन्य अभिलेख भी मिले.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, बरामद सामान का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी और बैंक खातों के संचालन में किया जा रहा था. आरोपी म्यूल खातों के जरिए धनराशि का डिपॉजिट और विड्रॉल करते थे. पुलिस अब बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

आरोपियों के खिलाफ शाहपुर थाने में BNS की धारा 112(2), 318(4) और 62(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस फरार नितिश प्रताप सिंह, संजीव सिंह और सुनीश कुमार सिंह की तलाश कर रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस नेटवर्क में और कितने म्यूल खाते तथा लोग शामिल हैं.

पोर्टल का पैनल खरीदकर चलाते थे अपना ऑफिस

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ‘रेडी अन्ना’ वेबसाइट ऑनलाइन गेमिंग में सट्टेबाजी के लिए धनराशि का लेनदेन करती है. आरोपियों ने इसका पैनल खरीद रखा था और खुद को इसकी एक शाखा के तौर पर संचालित करते थे. रकम के प्रवाह को बनाए रखने के लिए कई बैंक खाते तैयार करवाए गए थे.

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पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मकसद सट्टे की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर उसका हिसाब छिपाना और उससे फायदा कमाना था. अब जांच में सामने आने वाले डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है.

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