गाय को कुत्ते ने काटा, उसी के दूध से बना चरणामृत, UP के दो गांवों के 450 लोगों ने लगवाई एंटी-रेबीज वैक्सीन

गोरखपुर के गोला ब्लॉक के डाड़ी खास गांव में जिस गाय को कुत्ते ने काटा था, उसके दूध से दुर्गा पूजा के दौरान चरणामृत बनाया गया था. गाय की मौत के बाद डाड़ी और गोविंदपुर गांव के 450 लोगों को एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई.

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कुत्ते के काटने वाली गाय के दूध से बना चरणामृत, गोरखपुर में 450 लोगों को लगी एंटी-रेबीज वैक्सीन.(Photo-ITG) कुत्ते के काटने वाली गाय के दूध से बना चरणामृत, गोरखपुर में 450 लोगों को लगी एंटी-रेबीज वैक्सीन.(Photo-ITG)

गजेंद्र त्रिपाठी

  • गोरखपुर ,
  • 23 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:43 AM IST

गोरखपुर के गोला ब्लॉक के डाड़ी खास गांव में दुर्गा पूजा के दौरान गाय के दूध से बना चरणामृत पीने वाले 450 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई. जिस गाय के दूध से चरणामृत बनाया गया था, उसे आवारा कुत्ते ने काटा था. गाय की मौत के बाद लोगों में रेबीज की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को गांव में कैंप लगाकर लोगों का टीकाकरण किया.

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20 अक्टूबर मंगलवार को 50 लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर टीका लगवाया था, जबकि 21 अक्टूबर बुधवार को 400 लोगों का टीकाकरण किया गया. गाय का दूध गांव की कुछ दुकानों और घरों में भी पहुंचता था, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीके लगवाने को कहा है. पशु चिकित्सक ने गाय में रेबीज की आशंका जताई है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

डाड़ी खास गांव के पशुपालक नवमी यादव को जानकारी नहीं है कि गाय को आवारा कुत्ते ने कब काटा था. वह नियमित रूप से दो दुकानों और कुछ घरों में गाय का दूध पहुंचाते थे. पिछले एक-दो दिनों से गाय की तबीयत खराब लग रही थी, लेकिन मंगलवार को उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद पशुपालक ने निजी पशु चिकित्सक डॉ. बेचन सिंह, डॉ. हरदेव यादव और डाड़ी खास पशु चिकित्सालय के चिकित्सक को दिखाया. पशुपालक के अनुसार, चिकित्सकों ने गाय को कुत्ते के काटने की आशंका जताई. कुछ देर बाद गाय भौंकने लगी और मंगलवार देर शाम उसकी मौत हो गई.

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चरणामृत पीने वाले श्रद्धालुओं ने लगवाया टीका

गाय की तबीयत बिगड़ने और उसके असामान्य व्यवहार की जानकारी सामने आने के बाद दुर्गा पूजा में उसी के दूध से बना चरणामृत पीने वाले डाड़ी और गोविंदपुर गांव के श्रद्धालु चिंतित हो गए. इसके बाद लोगों ने एहतियातन एंटी-रेबीज टीका लगवाना शुरू किया.

21 अक्टूबर बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य विभाग की टीम डाड़ी गांव पहुंची. फार्मासिस्ट सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में टीम ने कैंप लगाकर लोगों को टीके लगाए. टीम में अरशद, सोनू श्रीवास्तव, प्रियंका और अंकिता समेत स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे. बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने के कारण टीकाकरण का काम लगातार चलता रहा. 21 अक्टूबर बुधवार शाम तक 400 लोगों को वैक्सीन लगाई गई. इससे पहले मंगलवार को करीब 50 लोग सीएचसी पहुंचकर टीका लगवा चुके थे.

पहली डोज के बाद इन दिनों में लगेंगे टीके

संबंधित लोगों को निर्धारित चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन की डोज लगवानी होगी. सामान्य इंट्रामस्कुलर शेड्यूल में पहली डोज के बाद तीसरे, सातवें, 14वें और 28वें दिन टीके लगाए जाते हैं. इसके बाद 90वें दिन बूस्टर डोज की बात कही गई है.

डिप्टी सीएमओ ने कहा- डरने की बात नहीं

गोरखपुर के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि गोला ब्लॉक के गांव में गाय को कुत्ते ने काटा था. दुर्गा पूजा के दौरान उसके दूध से चरणामृत बनाया गया था. उसे काफी लोगों ने पिया था. गाय की मृत्यु हो गई है और लोगों में भय व्याप्त था. इसलिए वहां एहतियात के तौर पर 450 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई है. उन्होंने बताया कि इसमें डरने की कोई बात नहीं है क्योंकि गाय का दूध उबल गया होगा, उसके बाद दही बनाई गई होगी. उसके बाद चरणामृत में पड़ा होगा. दूध को उबालने से वायरस खत्म हो जाता है. लोगों में डर की वजह से वैक्सीन दी जा रही है.

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