एक तरफ सात फेरे, दूसरी तरफ निकाह... गोंडा में 7218 जोड़ों के नए सफर की शुरुआत

यूपी के गोंडा में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सहारा बनी है. रानी और रंजीत की शादी पैसों की कमी के चलते अटकी हुई थी, लेकिन योजना के तहत उनका विवाह हो गया. जिला समाज कल्याण अधिकारी के मुताबिक, जिले में अब तक 7218 जोड़ों की शादी इस योजना के तहत कराई जा चुकी है.

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सामूहिक विवाह समारोह में पहुंचे जोड़े. (Photo: Screengrab) सामूहिक विवाह समारोह में पहुंचे जोड़े. (Photo: Screengrab)

अंचल श्रीवास्तव

  • गोंडा,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:41 AM IST

रानी और रंजीत की शादी तय हो चुकी थी. दोनों परिवार भी चाहते थे कि जल्द ही उनकी नई जिंदगी की शुरुआत हो, लेकिन घर की आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि शादी का खर्च आसानी से उठाया जा सके. रानी गरीब परिवार से हैं और रंजीत घर में कॉस्मेटिक्स का काम करते हैं. ऐसे में शादी की तैयारी करना दोनों परिवारों के लिए आसान नहीं था. फिर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दोनों की शादी हो गई.

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यह सिर्फ रानी और रंजीत की कहानी नहीं है. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में अब तक 7218 जोड़ों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराई जा चुकी है. योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शादी के खर्च में मदद देना है, ताकि पैसों की कमी किसी की शादी में रुकावट न बने. रानी गोंडा के धानेपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं. उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है.

दूसरी तरफ रंजीत धानेपुर के रहने वाले हैं और घर में कॉस्मेटिक्स का काम करते हैं. दोनों की शादी तय हो गई थी, लेकिन आर्थिक परेशानी के चलते शादी का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा था.

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ऐसे में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उनके परिवारों के लिए सहारा बनी. योजना में चयन होने के बाद दोनों की शादी कराई गई. रानी और रंजीत का कहना है कि अगर इस योजना का लाभ नहीं मिलता तो शादी करने में काफी मुश्किल आती. अब दोनों परिवार इस बात से खुश हैं कि आर्थिक परेशानी के बीच भी उनकी शादी हो सकी.

सात फेरे भी हुए और निकाह भी

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अलग-अलग जोड़ों ने अपने-अपने रीति-रिवाज से शादी की. कहीं मंडप में हवन हुआ, कहीं दूल्हे ने दुल्हन की मांग भरी और सात फेरे लिए, तो कहीं निकाह की रस्म पूरी हुई. कार्यक्रम में शादी करने वाले जोड़ों को गृहस्थी का सामान भी दिया गया, ताकि वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर सकें. 

गोंडा के जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हर दुल्हन के खाते में 64 हजार रुपये दिए जाते हैं. इसके अलावा 15 हजार रुपये कीमत का गृहस्थी का सामान भी दिया जाता है.

अधिकारी के मुताबिक, गोंडा जिले में अब तक इस योजना के तहत 7218 जोड़ों की शादी हो चुकी है. इस तरह योजना से जिले के हजारों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपनी बेटियों की शादी करने में मदद मिली है. रानी और रंजीत जैसे तमाम जोड़ों के लिए यह नई जिंदगी शुरू करने का मौका है.

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