उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में 12 अगस्त को 15 वर्षीय मोनी उर्फ प्रिया निषाद ने बाल झड़ने की बीमारी और इलाज से फायदा न मिलने के कारण बाग में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका के पिता मजदूरी करते हैं और पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की मोनी 4-5 साल पहले हुई बीमारी के बाद अवसाद में रहती थी. दवाइयों से सिर में दर्द बढ़ने और कोई सुधार न होने के कारण तनाव से पीड़ित होकर बकरी चराने निकली किशोरी ने यह खौफनाक कदम उठाया.
पूरा मामला जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के रामनगर कोट गांव का है. मृतक के पिता उदयराज निषाद ने बताया कि उनकी बेटी मोनी के सिर के बाल 4-5 साल पहले किसी बीमारी से पूरी तरह झड़ चुके थे. शर्म से बचने के लिए वह हमेशा अपने सिर पर टोपी लगाए रहती थी. पिछले 5-6 महीनों से उसका घरेलू इलाज भी चल रहा था, लेकिन कोई असर नहीं हुआ. दवा लेने के बाद सिरदर्द बढ़ने से उसका डिप्रेशन काफी बढ़ गया था.
प्राइमरी स्कूल से पांचवीं तक पढ़ाई करने वाली मोनी पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी. उसकी तीन बहनें अंतिमा, सपना, ममता और एक भाई सरवन है. परिवार की स्थिति वैसे ही नाजुक है, जहां रिश्तेदार शारदा देवी का किडनी की समस्या के कारण इस साल से डायलिसिस चल रहा है. घटना वाले दिन मोनी घर से बकरियां चराने निकली थी, जिसके बाद उसका शव गांव के ही बाग में फांसी से लटकता मिला.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए. नगर क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि 12 अगस्त को सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रारंभिक जांच में बीमारी और तनाव की बात सामने आई है और मौके पर शांति व्यवस्था कायम है.
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नितिन श्रीवास्तव