समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन की बीजेपी नेताओं के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्होंने पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है. एसटी हसन ने कहा कि अगर लोग इस मुलाकात की सच्चाई जानना चाहते हैं तो उन्हें पूरा घटनाक्रम समझना चाहिए. उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को वह रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन का इंतजार कर रहे थे और ट्रेन लेट हो गई थी. इसी दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र चौधरी और मुरादाबाद के बीजेपी विधायक रितेश गुप्ता वहां पहुंच गए.
एसटी हसन के मुताबिक, वह उस समय रेलवे स्टेशन के वीआईपी वेटिंग रूम में बैठे हुए थे. उन्होंने बताया कि बीजेपी नेताओं की भी ट्रेन थी, इसलिए वे भी वीआईपी वेटिंग रूम में आकर बैठ गए. एसटी हसन ने कहा कि जब बीजेपी नेता वहां पहुंचे तो वह उन्हें देखकर उठकर चले जाना मुनासिब नहीं समझे. इसके बाद सभी लोग वहीं बैठे रहे. इसी मुलाकात की तस्वीर अब इंटरनेट पर वायरल हो रही है.
‘सियासी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन आपसी मतभेद नहीं’
एसटी हसन ने अपनी सफाई में कहा कि राजनीतिक विचारधारा और सियासी मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंध भी खराब हों. उन्होंने कहा कि नेताओं का एक-दूसरे से मिलना-जुलना होता रहता है. राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आपसी संबंध बनाए रखना सामान्य बात है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि तस्वीर को लेकर लोग जो भी समझना चाहते हैं, समझते रहें, लेकिन मुलाकात की असलियत यही है कि वह रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे और इसी दौरान बीजेपी नेता वहां पहुंचे थे.
वायरल तस्वीर को लेकर सियासी चर्चाएं
बीजेपी नेताओं के साथ एसटी हसन की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को लेकर चर्चा शुरू हो गई. तस्वीर को अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है. हालांकि, एसटी हसन ने अपने बयान में इसे रेलवे स्टेशन पर हुई सामान्य मुलाकात बताया है. उनके मुताबिक, इस मुलाकात को राजनीतिक मतभेदों से जोड़कर देखने के बजाय पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में समझा जाना चाहिए.
फिलहाल, एसटी हसन की सफाई सामने आने के बाद तस्वीर को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनका पक्ष स्पष्ट हो गया है. हालांकि, तस्वीर के आधार पर लगाए जा रहे अन्य राजनीतिक कयासों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
जगत गौतम