बरेली: इंस्टा पर डॉक्टर बन शक्तिवर्धक दवाएं बेचने वाला 8वीं पास गिरफ्तार

यूपी के बरेली में इज्जतनगर पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए बिना लाइसेंस फर्जी हर्बल और आयुर्वेदिक शक्तिवर्धक दवाएं बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने फर्जी डॉक्टर बने 8वीं पास आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर 1.99 लाख कैश समेत भारी मात्रा में दवाएं बरामद की हैं.

Advertisement
बरेली पुलिस की गिरफ्त में आरोपी समीरउद्दीन (Photo- Screengrab) बरेली पुलिस की गिरफ्त में आरोपी समीरउद्दीन (Photo- Screengrab)

aajtak.in

  • बरेली ,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

बरेली जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. जहां 8वीं पास आरोपी समीरउद्दीन अपने साथी यूसुफ के साथ मिलकर खुद को डॉक्टर बताकर फर्जी हर्बल व आयुर्वेदिक दवाएं ऑनलाइन बेच रहा था. एसपी सिटी मानुष पारीक के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया, जबकि उनका एक साथी इलियास खान मौके से फरार हो गया. आरोपियों के पास से 1.99 लाख रुपये कैश, 12 मोबाइल और भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद हुई हैं.

Advertisement

इंस्टाग्राम रील्स और फर्जी पेज से बिछाया जाल

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी समीरउद्दीन 'हर्बल हैंड जड़ी-बूटी' नाम से इंस्टाग्राम पेज चलाता था. वह सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को अपने जाल में फंसाता था.  सहारनपुर और मुरादाबाद से खाली कैप्सूल व कच्चा सामान लाकर वे इसे फर्जी डिब्बों में पैक करते थे. 200 रुपये में तैयार होने वाले पैकेट को ग्राहकों को 2,000 रुपये तक में बेचा जाता था. 

देशभर में सप्लाई और पुलिस की कार्रवाई

यह कॉल सेंटर पिछले एक साल से चल रहा था और बरेली ही नहीं बल्कि मुंबई, चेन्नई व पंजाब जैसे कई राज्यों में ऑनलाइन दवाएं सप्लाई की जा रही थीं. दवा से नुकसान होने पर जब कुछ ग्राहकों ने शिकायत की, तब पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की. मौके से 12 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 6 सीपीयू, 8 मॉनिटर, स्कैनर, प्रिंटर, चेकबुक, एटीएम कार्ड और विभिन्न दस्तावेज जब्त किए गए हैं.

Advertisement

फरार साथी की तलाश और आगे की जांच

पुलिस टीम अब फरार आरोपी इलियास खान की तलाश में जुटी हुई है. इसके साथ ही पुलिस कॉल सेंटर से मिले रिकॉर्ड रजिस्टर के आधार पर अन्य फर्जी नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की जानकारी जुटा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आयुष विभाग से जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »