बरेली जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. जहां 8वीं पास आरोपी समीरउद्दीन अपने साथी यूसुफ के साथ मिलकर खुद को डॉक्टर बताकर फर्जी हर्बल व आयुर्वेदिक दवाएं ऑनलाइन बेच रहा था. एसपी सिटी मानुष पारीक के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया, जबकि उनका एक साथी इलियास खान मौके से फरार हो गया. आरोपियों के पास से 1.99 लाख रुपये कैश, 12 मोबाइल और भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद हुई हैं.
इंस्टाग्राम रील्स और फर्जी पेज से बिछाया जाल
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी समीरउद्दीन 'हर्बल हैंड जड़ी-बूटी' नाम से इंस्टाग्राम पेज चलाता था. वह सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. सहारनपुर और मुरादाबाद से खाली कैप्सूल व कच्चा सामान लाकर वे इसे फर्जी डिब्बों में पैक करते थे. 200 रुपये में तैयार होने वाले पैकेट को ग्राहकों को 2,000 रुपये तक में बेचा जाता था.
देशभर में सप्लाई और पुलिस की कार्रवाई
यह कॉल सेंटर पिछले एक साल से चल रहा था और बरेली ही नहीं बल्कि मुंबई, चेन्नई व पंजाब जैसे कई राज्यों में ऑनलाइन दवाएं सप्लाई की जा रही थीं. दवा से नुकसान होने पर जब कुछ ग्राहकों ने शिकायत की, तब पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की. मौके से 12 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 6 सीपीयू, 8 मॉनिटर, स्कैनर, प्रिंटर, चेकबुक, एटीएम कार्ड और विभिन्न दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
फरार साथी की तलाश और आगे की जांच
पुलिस टीम अब फरार आरोपी इलियास खान की तलाश में जुटी हुई है. इसके साथ ही पुलिस कॉल सेंटर से मिले रिकॉर्ड रजिस्टर के आधार पर अन्य फर्जी नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की जानकारी जुटा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आयुष विभाग से जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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