Uttar Pradesh News: भदोही पुलिस ने नीट यूजी 2025 में कम अंक पाने वाले नौ छात्रों का फर्जी स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाकर एमबीबीएस में दाखिला कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. अगस्त 2025 में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण द्वारा भेजे गए पत्र के बाद सत्यापन में ये दस्तावेज फर्जी पाए गए. इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और सरगना संजय दुबे सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. यह कार्रवाई बिचौलियों द्वारा छात्रों को कोटे का लालच देकर फर्जी दस्तावेज खुद ही तैयार करने के कारण की गई.
सत्यापन में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे से एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले नौ छात्रों के दस्तावेजों की जांच की गई थी. महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के निर्देश पर हुई जांच में सभी नौ प्रमाण पत्र पूरी तरह कूटरचित और फर्जी निकले. इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें पूरे गिरोह की परतें खुलती चली गईं.
सरगना समेत छह आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
पुलिस कार्रवाई के तहत गिरोह के सरगना संजय दुबे समेत पांच आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका था. बुधवार को भदोही पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी दिनेश कुमार वर्मा को बहराइच जिले से गिरफ्तार किया. अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के मुताबिक, यह गिरोह कम अंक पाने वाले छात्रों को टारगेट कर उन्हें दाखिले का झांसा देता था.
प्रदेश भर में 64 छात्रों के प्रवेश निरस्त
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि यह प्रमाण पत्र किसी सरकारी एजेंसी से नहीं बने थे, बल्कि जालसाजों ने खुद बनाए थे. वहीं, जानकारी के मुताबिक इस खुलासे के बाद भदोही के अलावा आगरा, गाजीपुर, बलिया, मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजियाबाद के कुल 64 छात्रों का एमबीबीएस एडमिशन निरस्त किया गया है. पुलिस अब अन्य बिचौलियों और कड़ियों को ट्रेस करने में जुटी है.
महेश जायसवाल