UP: चाय बेचने वाला चला रहा था खुद की फर्जी यूनिवर्सिटी, एक गलती से पूरा रैकेट एक्सपोज

एटा के मारहरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी 2022 से डी-फार्मा, बी-फार्मा, नर्सिंग समेत कई पाठ्यक्रमों में दाखिले और डिग्री-मार्कशीट के नाम पर छात्रों से दो करोड़ रुपये से ज्यादा ठग चुके हैं.

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पुलिस गिरफ्त में फर्जी यूनिवर्सिटी चलाने वाला आरोपी और उसके साथी. (Photo: ITG) पुलिस गिरफ्त में फर्जी यूनिवर्सिटी चलाने वाला आरोपी और उसके साथी. (Photo: ITG)

देवेश पाल सिंह

  • एटा,
  • 20 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

उत्तर प्रदेश के एटा में पुलिस ने फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्रों को मेडिकल से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला दिलाने और डिग्री-मार्कशीट देने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे. इस पूरे खेल में दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ऐंठे जाने की बात सामने आई है. पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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खुद के अपहरण की रची साजिश और खुल गया राज
मामला मारहरा थाना क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर को रामसेवक नाम के व्यक्ति ने डायल 112 पर सूचना दी कि उसके भाई सतेंद्र कुमार का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है और उसकी रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है. सूचना मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सतेंद्र की तलाश शुरू कर दी. पुलिस ने उसे आगरा से सकुशल बरामद कर लिया.

इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो अपहरण की कहानी ही फर्जी निकली. पुलिस के अनुसार सतेंद्र ने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी. आरोप है कि छात्रों और उनके परिजनों से ली गई रकम वापस न करनी पड़े, इसलिए उसने यह पूरा ड्रामा रचा.

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जांच में पुलिस को पता चला कि वर्ष 2022 से 'बीएस मेडिकल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी' के नाम पर कथित तौर पर फर्जी तरीके से मेडिकल से जुड़े कई पाठ्यक्रमों में दाखिले कराए जा रहे थे. इनमें डी-फार्मा, बी-फार्मा, बीएससी नर्सिंग, डीएमएलटी, बीएमएलटी, जीएनएम और एएनएम जैसे कोर्स शामिल थे. छात्रों को डिग्री और मार्कशीट देने का भरोसा देकर उनसे रकम वसूली जाती थी.

चाय बेचने वाले के नाम पर रजिस्टर्ड है यूनिवर्सिटी
पुलिस ने सतेंद्र कुमार, गौरव अग्रवाल, भगवान दास, नरेंद्र उर्फ पप्पू और मोहम्मद शरीफ कुरैशी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, भगवान दास चाय बेचने का काम करता है और उसके नाम पर कथित तौर पर मेडिकल कॉलेज-यूनिवर्सिटी संचालित की जा रही थी.

आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, फर्जी चेक, छात्रों के आई कार्ड, फीस रसीदें, अटेंडेंस शीट, प्रश्नपत्र, परीक्षा पुस्तिकाएं, मार्कशीट, मुहर और प्रचार सामग्री समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है. मामले की जांच के आधार पर फर्जी यूनिवर्सिटी के जरिए ठगी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.

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