Uttar Pradesh News: बागपत में कुत्ते के काटने के करीब तीन महीने बाद एक युवक की मौत का मामला सामने आया है. मौत से पहले युवक की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे अस्पताल ले जाने के लिए उसके हाथ रस्सियों से बांधने पड़े. इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जो बेहद विचलित करने वाले हैं.
बताया जा रहा है कि युवक को करीब तीन महीने पहले स्ट्रीट डॉग ने काटा था, लेकिन उसने एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई. इसके बाद धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई.
दरअसल, मामला बागपत के लालियाना गांव का है. मृतक का नाम अनीश है. परिजनों के मुताबिक करीब तीन महीने पहले अनीश को एक स्ट्रीट डॉग ने काट लिया था. शुरुआती दिनों में उसे कोई खास परेशानी नहीं हुई, जिसके चलते उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया और एंटी रेबीज का टीका नहीं लगवाया. लेकिन कुछ समय बाद अनीश की हालत अचानक बिगड़ने लगी. जिसके बाद बुखार समझ वो उसे इलाज के लिए मेरठ गया जहां पता चला कि उसे रेबीज है. इतना ही कुछ समय बाद उसका व्यवहार असामान्य होने लगा. कभी वह जमीन पर लेट जाता तो कभी अचानक दौड़ने लगता.
बाद में हालत बिगड़ती गई तो परिवार और आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की. लेकिन अस्पताल तक पहुंचाना भी किसी जंग से कम नहीं था. अनीश की हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि उसे संभालना मुश्किल हो रहा था. इसी वजह से उसके हाथ रस्सियों से बांधकर उसे अस्पताल ले जाया गया. इस दौरान किसी ने वीडियो बना लिया, जिसमें कुछ लोग अनीश को पकड़कर अस्पताल ले जाते दिखाई दे रहे हैं.
तस्वीरों में जमीन पर पड़ा अनीश और उसके दोनों तरफ उसे संभालकर खड़े लोग नजर आ रहे हैं. उसके हाथ रस्सियों से बंधे हुए हैं. पहली नजर में तस्वीर देखकर ऐसा लग सकता है कि किसी व्यक्ति को सजा दी जा रही है, लेकिन हकीकत में लोग उसकी जान बचाने के लिए उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही अनीश ने दम तोड़ दिया.
इस घटना ने एक बार फिर रेबीज को लेकर जागरूकता की जरूरत को सामने ला दिया है. कुत्ते या किसी अन्य संभावित रेबीज संक्रमित जानवर के काटने के बाद घाव को तुरंत साफ करना और बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक एंटी-रेबीज वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर अन्य उपचार लेना चाहिए. अनीश के मामले में शुरुआती तौर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुत्ते के काटने के बाद वैक्सीन नहीं लगवाई गई और करीब तीन महीने बाद उसकी हालत गंभीर हो गई. रेबीज के लक्षण सामने आने के बाद बीमारी बेहद गंभीर हो सकती है, इसलिए जानवर के काटने को मामूली समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है.
मृतक के भाई साहिद ने कहा कि अनीश को 3 माह पहले कुत्ते ने काटा था. हमने सोचा जब तबियत बिगड़ी की बुखार है, और मेरठ ले जाकर इलाज कराया. जहां उन्हें रेबीज की जानकारी मिली. उसने एंटी रेबीज नही लगवाया था. आखिरकार उसकी मौत हो गई. परिवार में मातम पसरा हुआ है.
मनुदेव उपाध्याय