मंदिर के बगल में बनाई मजार, पत्नी को पहनाया जबरन बुर्का...कानपुर में दलित परिवार को मुस्लिम बनाने की कोशिश

कानपुर के गुजैनी में एक दलित परिवार ने घर में मंदिर के पास मजार बनाकर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. परिवार का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई. पत्नी को जबरदस्ती बुर्का पहनाया गया. शिकायत के बाद हिंदू संगठनों ने थाने में हंगामा किया. पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. मामले में लापरवाही पर एक दरोगा को निलंबित किया गया है.

Advertisement
कानपुर में दलित परिवार के यहां मंदिर में बगल में मजार बना दिया (Photo: ITG) कानपुर में दलित परिवार के यहां मंदिर में बगल में मजार बना दिया (Photo: ITG)

रंजय सिंह

  • कानपुर ,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST

कानपुर के गुजैनी इलाके में घर में छोटा से मंदिर के ठीक बगल में बनाई गई मजार को लेकर विवाद हो गया. धर्मांतरण का आरोप और मारपीट की भी बात सामने आई है. दलित परिवार का दावा है कि उसकी पत्नी को बुर्का पहनाने का भी दबाव बनाया गया और धर्म बदलने के लिए धमकाया गया. मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और थाने का घेराव कर हंगामा किया. बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, एक आरोपी को गिरफ्तार किया और कार्रवाई में लापरवाही के आरोप में एक दरोगा को निलंबित कर दिया.

Advertisement

पीड़ित सोनू जाटव मूल रूप से जालौन का रहने वाला बताया जा रहा है. करीब दो साल पहले उसने गुजैनी इलाके में शिबू खान से 40 हजार रुपये में जमीन खरीदी थी. जमीन पर उसने अपना कमरा बनवाया और परिवार के साथ रहने लगा. सोनू का कहना है कि घर बनाने के कुछ समय बाद उसके बच्चे बीमार रहने लगे. इसी दौरान शिबू खान और उसके साथियों ने उसे तरह-तरह की बातें समझानी शुरू कीं. पीड़ित के मुताबिक, इसी दौरान उसके घर के कमरे में मंदिर के बगल में एक मजार बना दी गई. सोनू का आरोप है कि शुरू में उसने इसका विरोध नहीं किया, लेकिन कुछ समय बाद जब उसने मजार हटाने की बात कही तो उसे धमकी दी गई. उसका कहना है कि उसे कहा गया कि मजार हटाने पर विवाद बढ़ जाएगा और उसे मुस्लिम धर्म अपनाना पड़ेगा.

Advertisement

पत्नी को बुर्का पहनाने का भी आरोप

सोनू का आरोप है कि दबाव सिर्फ मजार तक सीमित नहीं रहा. उसकी पत्नी रीता को भी बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जाने लगा. पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया. मामला लगातार बढ़ता गया और आखिरकार सोनू ने मजार को वहां से हटाने की बात कही. सोनू के मुताबिक, यही बात दूसरे पक्ष के लोगों को नागवार गुजरी. आरोप है कि इसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. पीड़ित के मुताबिक, सोमवार रात शिबू खान और उसके साथियों ने उसके घर पर हमला कर दिया. आरोप है कि हमलावरों ने सोनू, उसकी पत्नी और उसके तीन बच्चों के साथ मारपीट की. अचानक हुए हमले से परिवार में अफरा-तफरी मच गई. मारपीट के बाद सोनू शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा. लेकिन यहां से मामले में एक और मोड़ आ गया.

'मजार मत तोड़ना, बड़ा बवाल हो जाएगा'... दरोगा पर आरोप

सोनू का आरोप है कि जब वह चौकी इंचार्ज और थाने पहुंचा तो वहां मौजूद दरोगा ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसे ही समझाने और डराने की कोशिश की. पीड़ित के मुताबिक, उससे कहा गया कि मामला ठंडा कर दो और मजार मत तोड़ना, वरना बड़ा विवाद हो जाएगा. सोनू का आरोप है कि पुलिस की ओर से कार्रवाई न होने के बाद उसने मामले की जानकारी हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को दी. इसके बाद मामला अचानक स्थानीय स्तर से निकलकर चर्चा में आ गया. सोनू की शिकायत पर हिंदू संगठन और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिवार से पूरी जानकारी ली और घर में बनी कथित मजार को देखा. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई और थाने पहुंचकर हंगामा किया. काफी देर तक पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच बहस होती रही. मामला बढ़ता देखकर वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा. इसके बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया. कार्रवाई में लापरवाही के आरोप में एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया, जबकि चौकी इंचार्ज की भूमिका की जांच के निर्देश दिए गए हैं.

Advertisement

शिबू गिरफ्तार, चार अन्य से पूछताछ

पुलिस के मुताबिक, मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पीड़ित सोनू की शिकायत पर समीम खान, वसीम, रीबू, शिबू, फुरखान, सोहेल खान और सुमित समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. पुलिस ने शिबू को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं चार अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. DCP दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, मामले में FIR दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. चार अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आने के बाद एक दरोगा को निलंबित किया गया है, जबकि चौकी इंचार्ज की भूमिका की जांच की जा रही है.

जन्माष्टमी पर भी मजार पर चादर चढ़ाने का आरोप

सोनू का आरोप है कि जन्माष्टमी के दिन जब उसके घर में भगवान कृष्ण की पूजा हो रही थी, तब शिबू अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा. पीड़ित का दावा है कि विरोध के बावजूद मजार पर चादर चढ़ाई गई. एक ही कमरे में मंदिर और मजार को लेकर यह विवाद यहीं से और गहरा गया. सोनू का कहना है कि उसने कई बार मजार को अपने घर से हटाने की बात कही, लेकिन उसे लगातार विरोध और धमकी का सामना करना पड़ा. बाद में उसने खुद मजार को तोड़कर अलग कर दिया. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि मजार कब बनाई गई, इसे किसने बनाया और इसके निर्माण से जुड़े लोगों की भूमिका क्या थी.

Advertisement

 इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात

मामले के बाद गुजैनी के वरुण बिहार इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है. कच्ची बस्ती में भारी फोर्स तैनात किया गया है, ताकि किसी तरह का तनाव या दोबारा विवाद न हो. पुलिस दोनों पक्षों से जानकारी जुटा रही है. स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस पूरे मामले में फिलहाल पुलिस के सामने कई सवाल हैं. घर के अंदर मजार कब और कैसे बनाई गई? उसे बनाने में कौन लोग शामिल थे? क्या परिवार पर वास्तव में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया? पत्नी को बुर्का पहनाने का आरोप कितना सही है? जन्माष्टमी के दिन मजार पर चादर चढ़ाने की घटना हुई थी या नहीं? परिवार के साथ मारपीट क्यों की गई? और सबसे अहम क्या यह सिर्फ दो पक्षों के बीच विवाद है या इसके पीछे कोई संगठित गतिविधि भी है? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस की जांच से मिलेगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »