भारत की परंपरा को लेकर चल रही बहस अब सियासी बयानबाजी तक पहुंच गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'उनके विचार भारत और भारतीय परंपरा के लिए डरावने हैं'. उनका कहना था कि बड़े संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति से ऐसी बात की उम्मीद नहीं की जाती.
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि अंसारी के बयान में सनातन परंपरा को निशाना बनाने की कोशिश हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू परंपरा का अपमान करने के साथ हिंदुओं को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की गई. उनके मुताबिक, कुछ लोग पद की मर्यादा संभालने के बजाय उसे तोड़ने का रास्ता चुनते हैं.
'भारत की छवि खराब करने वाले एजेंडे का हिस्सा'
योगी ने आगे आरोप लगाया कि अंसारी की टिप्पणी उन ताकतों के एजेंडे को हवा देती है, जो दुनिया में भारत की छवि खराब करना चाहती हैं. उनके मुताबिक, ऐसे बयानों से देश की सनातन परंपरा को लेकर गलत तस्वीर पेश होती है. उन्होंने कहा कि भारत की पहचान लंबे समय से चली आ रही अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी है. इसी वजह से ऐसे बयान केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में भी असर डालते हैं.
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नेहरू के पुराने बयान का क्या था संदर्भ?
हामिद अंसारी ने एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में एजी नूरानी की किताब The RSS: A Menace to India का हवाला दिया था. उन्होंने किताब में दर्ज एक पुराने संदर्भ के जरिए जवाहरलाल नेहरू के कथन का जिक्र किया. इसमें भारत के लिए साम्यवाद की तुलना में हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को बड़ा खतरा बताया गया था. यह संदर्भ 2019 में प्रकाशित नूरानी की किताब के परिचय से जुड़ा था.
अंसारी ने यह भी बताया था कि नूरानी ने इस टिप्पणी को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक पुरानी बैठक के रिकॉर्ड से जोड़ा था. इस बयान के बाद बीजेपी और VHP से जुड़े कई नेताओं ने आपत्ति जताई.
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
वहीं, ग्रेटर नोएडा के कार्यक्रम में सीएम योगी ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों से मर्यादा की उम्मीद की जाती है. नारी सम्मान को लेकर उन्होंने भारतीय परंपरा में कही जाने वाली 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः' की पंक्ति का जिक्र किया.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, युवाओं के बीच भ्रम फैलाने या महिलाओं के सम्मान को चोट पहुंचाने वाली राजनीति से समाज को नुकसान होता है. वहीं, राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर बीजेपी की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं.
अब हामिद अंसारी की टिप्पणी को लेकर बहस दो तरफ चल रही है. एक ओर उस पुराने ऐतिहासिक संदर्भ पर चर्चा है, दूसरी तरफ उसी बात को आज के राजनीतिक माहौल से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं.
आशीष श्रीवास्तव