खून वाली EMI: मोबाइल की किस्त नहीं चुका पाया तो ब्लड बैंक ले जाकर निकलवाया खून

लखनऊ में मोबाइल की EMI न चुकाने पर युवक को  बंधक बनाकर ब्लड बैंक ले जाने और जबरन खून निकलवाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि युवक से कई दिनों तक मजदूरी भी कराई गई और परिवार से किस्त के नाम पर पैसे भी वसूले गए. शिकायत के बाद डीसीपी दक्षिणी ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं.

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लखनऊ में मोबाइल की EMI न चुकाने पर जबरन खून निकलवाने के मामले में केस दर्ज हो गया है (Photo: ai generated) लखनऊ में मोबाइल की EMI न चुकाने पर जबरन खून निकलवाने के मामले में केस दर्ज हो गया है (Photo: ai generated)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 15 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:45 AM IST

लखनऊ के निगोहां इलाके से मोबाइल की किस्त वसूली के नाम पर युवक को बंधक बनाने और उसका खून निकलवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि राजारामखेड़ा गांव निवासी नेवल को मोबाइल दुकानदार के लोगों ने अपने साथ ले जाकर लखनऊ के एक ब्लड बैंक में उसका खून निकलवाया. इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर कुछ दिनों तक जबरन मजदूरी भी कराई गई.

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पीड़ित की मां बुजुर्ग जदूराई के मुताबिक, उनके छोटे बेटे नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से 21,500 रुपये का सैमसंग मोबाइल जीरो डाउन पेमेंट पर खरीदा था. इसकी 12 महीने की किस्त 2,799 रुपये तय हुई थी. आरोप है कि पहली किस्त बकाया होने पर दुकान के कुछ लोग उनके घर पहुंचे और मोबाइल छीनकर ले गए. इसके करीब एक साल बाद 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से गांव पहुंचे और नेवल को अपने साथ ले गए. नेवल का आरोप है कि उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया. इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया और उससे जबरन मजदूरी कराई गई. इसी दौरान आरोपियों ने उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन किया और मोबाइल की किस्त के नाम पर 2,799 रुपये ऑनलाइन मंगवा लिए. परिवार ने जब नेवल को छोड़ने की गुहार लगाई तो आरोपियों ने कथित तौर पर 12 हजार रुपये और मांगे.

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नदी में फेंकने की धमकी भी दी 

परिजनों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने नेवल को जान से मारकर गोमती नदी में फेंकने की धमकी दी. डर के कारण परिवार ने निगोहां थाने में शिकायत की. आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा गया और उसका किराया भी उसके भाई से ही भरवाया गया. थाने पहुंचने पर नेवल बदहवास हालत में था. परिवार का दावा है कि जब उन्होंने कार्रवाई की मांग की तो उन्हें ही डराया गया और कहा गया कि कार्रवाई करने पर नेवल को भी फंसा दिया जाएगा.

घर लौटने पर सुनाई आपबीती 

घर लौटने के बाद नेवल ने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद उसकी बुजुर्ग मां डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के पास पहुंचीं. उनका आरोप है कि निगोहां थाने में शिकायत के बावजूद उन्हें वहां से लौटा दिया गया. डीसीपी दक्षिणी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगोहां थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस की लापरवाही की भी जांच कराई जाएगी. पीड़ित के बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि नेवल ने 21,500 रुपये का सैमसंग फोन लिया था और उसकी 2,799 रुपये की 12 महीने की किस्त बनी थी. राजकुमार के मुताबिक, फोन लेने के अगले ही महीने दुकान के लड़के मोबाइल वापस ले गए थे, लेकिन करीब एक साल बाद आरोपियों ने दोबारा परिवार पर दबाव बनाया. अब पुलिस पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका, युवक को बंधक बनाए जाने, ब्लड बैंक में खून निकलवाने और कथित वसूली के आरोपों की जांच करेगी.

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