समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 53वें जन्मदिन पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने भगवान श्रीराम और संविधान दोनों के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने कहा कि मर्यादा का पहला नाम भगवान श्रीराम और दूसरा नाम संविधान है, लेकिन बीजेपी ने दोनों को धोखा दिया है. अखिलेश ने कहा, 'BJP ने भगवान राम और संविधान से विश्वासघात किया है.'
अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात और सोने-चांदी की खड़ाऊं वापस लौटाई जानी चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर बीजेपी कुछ देर के लिए सीसीटीवी बंद कर दे और आंखें मूंद ले तो भगवान राम की कृपा से सारा चढ़ावा अपने आप वापस आ जाएगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने संविधान को बचाया, लेकिन अब बीजेपी विपक्षी सांसदों को तोड़कर संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. अखिलेश ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मामला है.
एसपी प्रमुख ने यह भी दावा किया कि राम मंदिर से जुड़े हालिया घटनाक्रम ने बीजेपी का असली चेहरा उजागर कर दिया है. उनके मुताबिक, भगवान राम ने ही देश को सच्चाई दिखाने का काम किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को इस बात की चिंता है कि लोगों का भरोसा टूटने से चंदा और दान कम हो सकता है, जबकि चुनाव जीतने के लिए भ्रष्टाचार और संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं. उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा हर घर में रही है और बीजेपी लोगों की आस्था तय नहीं कर सकती कि कौन कब और कैसे मंदिर जाए.
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्या का विकास आधुनिक सुविधाओं के साथ उसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा. साथ ही उन्होंने देश में प्रेम, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने की अपील की.
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