बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी सपा के साथ मिलकर धरने पर बैठी, यूपी में नया ट्विस्ट

उत्तर प्रदेश के गोंडा में सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद के बाद 45 वर्षीय बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की नृशंस हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी और विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेताओं ने लखनऊ में एक साथ धरना देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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संजय निषाद, राजपाल कश्यप और मुकेश सहनी धरने पर बैठे (Photo-ITG) संजय निषाद, राजपाल कश्यप और मुकेश सहनी धरने पर बैठे (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:52 AM IST

उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. विनोद साहनी की हत्या ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है. इस हत्या के विरोध में भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी और सपा एक साथ आ गए हैं. कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने लखनऊ में धरना दिया, वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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विनोद कुमार साहनी पर हमला करने वाला मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू है. गोलू ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था, जिसके बाद घायल विनोद कुमार की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई.

विनोद कुमार साहनी की हत्या के मामले ने सियासी रंग ले लिया है. लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ. यूपी के मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद तथा सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने धरना देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई.

विनोद कुमार साहनी की हत्या का मामला

गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेकसड़िया गांव के निवासी विनोद कुमार साहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे. वह बुधवार शाम अपनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, तभी चार मोटरसाइकिलों पर सवार 10 लोगों ने लल्लन यादव की दुकान के पास उन्हें रोककर भाले सहित धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई.

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पढ़ें, इस घटना की पूरी रिपोर्ट: घर लौट रहे बर्तन व्यापारी को रास्ते में घेरा, धारदार हथियार से किया हमला... मौत, 2 आरोपी गिरफ्तार

अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने बताया कि हमलावरों ने विनोद कुमार साहनी पर भाले सहित कई हथियारों से हमला किया था. पुलिस के अनुसार हमलावर उन्हें मरा हुआ समझकर भाग गए थे. विनोद साहनी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में गोंडा के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ स्थानांतरित किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

क्या विनोद साहनी की हत्या के आरोपी गिरफ्तार हुए?

विनोद साहनी की शिकायत के आधार पर 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिनमें शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह शामिल हैं. राय ने बताया कि साहनी की मौत के बाद एफआईआर में हत्या की धारा जोड़ दी गई है. प्रारंभिक जांच में पीड़ित और आरोपियों के बीच सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर विवाद की बात सामने आई है.

पुलिस ने शुभम सिंह उर्फ गोलू और सुभाष सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं.

धरने पर बैठे संजय निषाद और सपा नेता

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लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश के मंत्री व निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप के साथ धरने पर बैठ गए.

विनोद साहनी की मौत की खबर मिलते ही केजीएमयू पहुंचे संजय निषाद ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने परसपुर थाना प्रभारी, शाहपुर चौकी प्रभारी और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की. निषाद ने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे 11 सितंबर को गोंडा में पुलिस अधीक्षक के आवास और कार्यालय के बाहर धरना देंगे.

सपा ने भी भाजपा के खिलाफ खोला मोर्चा

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विनोद कुमार साहनी की हत्या की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है. अखिलेश यादव ने कहा कि पीड़ित सपा से जुड़ा एक बर्तन व्यापारी था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के तहत उत्तर प्रदेश अपराध और अराजकता की पराकाष्ठा पर पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर पुलिस बल को झूठे मामलों और मुठभेड़ों में शामिल करके कमजोर व भ्रष्ट करने का भी आरोप लगाया.

सपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने भी लखनऊ मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ धरना देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार में दलित और पिछड़े समाज के लोग सुरक्षित नहीं हैं.

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पीड़ित ओबीसी तो आरोपी ठाकुर

मृतक विनोद कुमार साहनी ओबीसी समुदाय की मल्लाह जाति से आते थे, जबकि आरोपी ठाकुर जाति से हैं. मृतक के निषाद समुदाय से होने के कारण कैबिनेट मंत्री व निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद, सपा नेता राजपाल कश्यप और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी इस हत्या के विरोध में धरने पर बैठे.

 ये तीनों ही ओबीसी समाज के प्रमुख नेता हैं और निषाद समाज से आते हैं, इसलिए उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. नेताओं का आरोप था कि गोंडा की परसपुर थाना पुलिस और स्थानीय चौकी प्रभारी ने मामले में लापरवाही बरती और समय पर सख्त कदम नहीं उठाए.

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