उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दोस्ती, शराब और पैसों के लालच से जुड़ा एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है. आरोप है कि तीन नए दोस्तों ने महज इस शक में 52 वर्षीय अनीश की हत्या कर दी कि उसके पास मोटी रकम है. पैसे की तलाश के दौरान विरोध करने पर एक आरोपी ने बेल्ट से उसका गला घोंट दिया, जबकि दूसरे ने स्वेटर बनाने वाली सलाई से उसके गले पर हमला किया.
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को नहर किनारे गन्ने के खेत में फेंक दिया और फरार हो गए. करीब आठ दिन बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर अनीश की सड़ी-गली लाश बरामद की. पुलिस के मुताबिक, जिस बड़ी रकम के लालच में वारदात को अंजाम दिया गया, अनीश के पास वास्तव में ऐसी कोई रकम थी ही नहीं.
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मामला बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव मकसूदपुर का है. यहां रहने वाला 52 वर्षीय अनीश 21 सितंबर को हल्दौर में लगने वाला गुदड़ी मेला देखने आया था. रात में वह अपनी बहन के घर रुका. अगले दिन मेला देखने के बाद सुबह वह अपनी बहन के ससुर के साथ हल्दौर में चाय की दुकान चलाने वाले हिमांशु की दुकान पर पहुंचा. यहीं उसकी मुलाकात हिमांशु, राजा और हरप्रीत उर्फ हर्षअंगा से हुई.
पहली मुलाकात के बाद बनी दोस्ती, फिर साथ पी शराब
पहली मुलाकात के बाद अनीश की तीनों से दोस्ती हो गई. अगले दिन उसने हिमांशु, राजा और हरप्रीत के साथ शराब पी और उनके साथ घूमता रहा. पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान तीनों को शक हुआ कि अनीश के पास काफी पैसे हैं. आरोप है कि इसी रकम को हड़पने के इरादे से तीनों उसे एक सुनसान जगह पर ले गए.
एसपी अमित किशोर श्रीवास्तव के मुताबिक, सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद आरोपियों ने अनीश की तलाशी लेने की कोशिश की. अनीश ने इसका विरोध किया और आरोपियों को गाली दी. इसके बाद उनके बीच विवाद बढ़ गया और मामला हिंसा में बदल गया. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हरप्रीत ने कथित तौर पर बेल्ट से अनीश का गला घोंट दिया.
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान हिमांशु ने स्वेटर बनाने वाली सलाई से अनीश के गले पर हमला कर दिया. अनीश की मौत के बाद तीनों ने शव को घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर नहर किनारे गन्ने के खेत में डाल दिया. इसके बाद तीनों वहां से फरार हो गए. इस वारदात के बाद अनीश का परिवार लगातार उसकी तलाश करता रहा.
पांच दिन तक नहीं मिला सुराग, भाई ने दर्ज कराया मुकदमा
अनीश के लापता होने के पांच दिन बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो उसकी बहन और भाई स्योहारा थाने पहुंचे. अनीश के भाई अजीज ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया. रिपोर्ट में उसने हिमांशु, राजा और हरप्रीत के नाम बताए और अनीश के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई.
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी. पुलिस ने हिमांशु और राजा को हिरासत में लेकर पूछताछ की. शुरुआत में दोनों आरोपियों ने किसी भी घटना में शामिल होने से इनकार किया. हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को एक अहम CCTV फुटेज मिला, जिसमें चारों लोग एक साथ मोटरसाइकिल से जाते हुए दिखाई दे रहे थे.
CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की पूछताछ में कहानी बदल गई. पुलिस के मुताबिक, इसके बाद हिमांशु और राजा ने पूरी घटना का खुलासा कर दिया और हत्या से जुड़ी जानकारी दी. दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने नहर किनारे गन्ने के खेत में पहुंचकर अनीश का शव बरामद किया. आठ दिन पुराना शव पूरी तरह सड़-गल चुका था.
CCTV से खुला राज, गन्ने के खेत में मिली सड़ी-गली लाश
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से मृतक का आधार कार्ड भी बरामद किया गया. इसके अलावा आरोपियों के खून से सने कपड़े मिलने की बात भी पुलिस ने कही है. इन बरामदगी और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले में हिमांशु और राजा को गिरफ्तार कर लिया.
दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है. वहीं, इस हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे तीसरे आरोपी हरप्रीत उर्फ हर्षअंगा की तलाश की जा रही है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही हैं.
इस पूरे हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस मोटी रकम के लालच में अनीश की हत्या किए जाने का आरोप है, उसके पास वास्तव में कोई बड़ी रकम नहीं थी. यानी पुलिस की जांच के मुताबिक, केवल शक और लालच के चलते तीनों ने अपने नए बने दोस्त को मौत के घाट उतार दिया.
संजीव शर्मा