उत्तर प्रदेश के चर्चित अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई में हत्याकांड में शामिल 2 शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है. इस दौरान पुलिस के 2 हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी घायल हुए हैं. डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी के अपराध और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश के तहत पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है.
26 अगस्त की शाम की गई थी अंकित बालियान की हत्या
डीजीपी के मुताबिक 26 अगस्त की शाम अंकित बालियान की चार हथियारबंद बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. वारदात के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले का खुलासा करने के लिए 11 पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई. इस टीम में चार एडिशनल एसपी भी शामिल थे. पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई.
जांच में पता चला कि अंकित बालियान की हत्या अचानक नहीं हुई थी. बदमाशों ने वारदात से पहले उसकी रेकी की थी. खास तौर पर अंकित के जिम आने-जाने की टाइमिंग और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई थी. इसके बाद मौका देखकर हथियारबंद शूटरों ने उस पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी.
29 अगस्त को ही पुलिस ने कर ली थी आरोपियों की पहचान
डीजीपी ने बताया कि 29 अगस्त तक पुलिस ने हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली थी. अब उनके आपराधिक इतिहास का सत्यापन कराया जा रहा है.जांच में यह भी सामने आया है कि अंकित की हत्या कथित तौर पर गोगी गैंग के जरिए कराई गई थी. पुलिस इस एंगल से भी पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है.
राजीव कृष्ण ने 2021 में रोहिणी कोर्ट में हुई जितेंद्र गोगी की हत्या का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उस हत्याकांड से जुड़े एक गाने में अंकित बालियान ने अभिनय किया था.हालांकि गाने के बोल और धुन अंकित के नहीं थे. पुलिस इस कनेक्शन को भी जांच के दायरे में रखकर हत्या के पीछे की पूरी साजिश को समझने में जुटी है.
रेकी और फिर हत्याकांड को दिया गया अंजाम: डीजीपी
DGP ने कहा कि शुरुआती जांच से साफ है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी. शूटरों की गतिविधियां पहले से चल रही थीं, रेकी की गई और उसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया. उन्होंने बताया कि एनकाउंटर में शामिल शामली पुलिस और STF की टीम के लिए कुल 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अंकित बालियान की हत्या की सुपारी किसने दी, शूटरों को किसने मदद पहुंचाई और इस साजिश में गोगी गैंग से जुड़े कौन-कौन से लोग शामिल थे. दो शूटरों के मारे जाने के बाद जांच एजेंसियों को इस पूरे हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.
संतोष शर्मा