'इस्लाम कुबूल कर लूंगा' कहकर रो पड़े थे सपा के आकाश अग्रवाल, अब आगरा MLC चुनाव में दर्ज की जीत

आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव के नतीजों के बीच समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की है. उनके मुताबिक, करीब 3,700 वोटों की बढ़त के बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में उन्होंने जीत के लिए जरूरी आंकड़ा पार कर लिया. आकाश अग्रवाल मतदान के दौरान कैमरे के सामने रो पड़े थे. उन्होंने यहां तक कहा था कि वह धर्म परिवर्तन कर लेंगे.

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नितिन उपाध्याय

  • आगरा,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:08 AM IST

उत्तर प्रदेश की आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज कर ली है. पहले मतदान के दौरान आकाश अग्रवाल कैमरे के सामने फफक-फफक कर रो पड़े थे. उन्होंने अपने परिवार और समर्थकों को परेशान किए जाने का आरोप लगाया था. यहां तक कहा था कि वह धर्म परिवर्तन कर लेंगे. आकाश अग्रवाल ने करीब 3,700 वोटों की बढ़त के बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में जीत के लिए आंकड़ा पार कर लिया.

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आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने करीब 3,700 वोटों की बढ़त हासिल की. उनके मुताबिक, दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में उन्हें 50 प्रतिशत से एक वोट अधिक मिला और जीत के लिए जरूरी आंकड़ा पूरा हो गया.

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मतगणना के दूसरे राउंड के आखिरी हिस्से में हंगामे और मारपीट की बात सामने आई. आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विवाद की शुरुआत भाजपा प्रत्याशी की तरफ से हुई थी. उन्होंने कहा कि मतगणना कक्ष में लगे CCTV कैमरे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने ला सकते हैं.

आकाश का कहना है कि फुटेज से पता चल जाएगा कि झगड़ा किसने शुरू किया और किस पर हमला हुआ. उन्होंने पिछले चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी उनकी जीत के बाद तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी ने मंडलायुक्त को खरीदने का आरोप लगाया था. आकाश अग्रवाल ने कहा कि अगर इस बार उनकी जीत का अंतर 300 से 400 वोट भी होता, तब भी इस तरह के आरोप लगाए जाते.

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योगेंद्र उपाध्याय के बयान पर आकाश का जवाब

मतगणना के विवाद के साथ ही आकाश अग्रवाल का एक और बयान चर्चा में है. उन्होंने कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के वेश्या और सती से जुड़े बयान पर पलटवार किया. आकाश ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग 15 साल पहले वैगनआर कार से शपथ लेने गए थे, आज गोवा में उनके 100-100 करोड़ रुपये के होटल चल रहे हैं.

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उन्होंने सरकारी नौकरियों को लेकर भी सवाल उठाए. आकाश ने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में किस परिवार के लोगों को सरकारी नौकरियां मिलीं, इस पर बात होनी चाहिए. उन्होंने एक घर में चार-चार सरकारी नौकरियां लगने का भी जिक्र किया.

आकाश ने कहा कि वह किसी के व्यक्तिगत परिचय पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि उन्हें और संबंधित व्यक्ति को एक ही शहर में रहना है. लेकिन जब उनके समाज के खिलाफ इस तरह की भाषा इस्तेमाल होती है, तो उन्हें भी इशारों में जवाब देना पड़ता है.

मतदान के दिन क्या हुआ था?

आकाश अग्रवाल की चर्चा सिर्फ मतगणना के हंगामे की वजह से नहीं हो रही. मतदान के दौरान दिया गया उनका बयान भी इस पूरे मामले का अहम हिस्सा है. उस समय आकाश मीडिया से बात करते हुए कैमरे के सामने रो पड़े थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके परिवार और समर्थकों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि उनके साथ ऐसा बर्ताव हो रहा है, जैसे वह पाकिस्तान से आए कोई आतंकवादी हों. आकाश ने प्रशासनिक अधिकारियों और सत्तारूढ़ दल पर भी आरोप लगाए थे.

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मतदान के दौरान आकाश अग्रवाल ने कहा था कि वह अगले महीने लखनऊ जाकर शाही ईदगाह में धर्म परिवर्तन कराएंगे. उन्होंने कहा था कि उनके लिए हार-जीत से ज्यादा जरूरी यह है कि वह आजाद भारत में रह रहे हैं और किस पार्टी से चुनाव लड़ना है, यह उनका अपना फैसला है. आकाश ने एक अधिकारी पर भी टिप्पणी करने का आरोप लगाया था. उनके मुताबिक, अधिकारी ने उनसे कहा था कि वह एमएलसी प्रत्याशी हैं, खुदा नहीं. इसके जवाब में आकाश ने कहा था, 'मैंने अपना खुदा बदल लिया है.' उनका यह बयान उस समय चर्चा में आया था. उनके मुताबिक, वह अपने साथ हुए व्यवहार से नाराज थे और इसी वजह से उन्होंने यह बात कही थी.

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

अब मतगणना के दौरान हुए विवाद पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, टअब भाजपा ख़ुद ही बताए कि आगरा से जीतते हुए सपा के एमएलसी प्रत्याशी आकाश अग्रवाल के साथ उसके लोगों द्वारा किया गया यह व्यवहार कितना जायज़ है. अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की अपील की. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति से भी संज्ञान लेने की बात कही.

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