आगरा में ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर का हुआ धार्मिक शुद्धिकरण, कांग्रेस के प्रदर्शन से बेहद आहत थे बुजुर्ग माता-पिता

Agra News: CEC ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक घर का महिलाओं ने गंगाजल से शुद्धिकरण कर सुंदरकांड पाठ किया. 28 सितंबर को कांग्रेस प्रदर्शन में पोती गई थी कालिख. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

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CEC ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर महिलाओं ने छिड़का गंगाजल.(Photo:ITG) CEC ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर महिलाओं ने छिड़का गंगाजल.(Photo:ITG)

अरविंद शर्मा

  • आगरा ,
  • 06 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:58 PM IST

उत्तर प्रदेश के आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास को लेकर 28 सितंबर को शुरू हुआ विवाद मानसिक शुद्धि के लिए धार्मिक आयोजन तक पहुंच गया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और घर के गेट-दीवार पर कालिख पोतने के बाद विजय नगर कॉलोनी स्थित ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर कलश यात्रा पहुंची. यहां महिलाओं ने गंगाजल का छिड़काव कर घर का शुद्धिकरण किया. इसके बाद शंख और घंटे की ध्वनि के बीच सुंदरकांड का पाठ शुरू हुआ.

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विजयनगर कॉलोनी महिला मंडल और अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के तत्वावधान में महिलाओं ने कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से कलश यात्रा शुरू की. महिलाएं कलश में गंगाजल लेकर यात्रा में शामिल हुईं. शंखनाद और घंटे की आवाज के बीच यात्रा ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास तक पहुंची. यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल का छिड़काव किया गया.

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे. महिलाओं ने धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया और इसके बाद घर के बाहर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे.

28 सितंबर को क्या हुआ था?

दरअसल, 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विजय नगर स्थित उनके पैतृक आवास तक पहुंच बनाई थी. प्रदर्शन के दौरान घर के मुख्य गेट और दीवारों पर कालिख पोतने के साथ स्प्रे से 'वोट चोर' और 'गद्दार' जैसे शब्द लिखे गए थे.

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इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था. मामले में छह आरोपियों को जेल भेजा गया था. बाद में सीजेएम कोर्ट से सभी को जमानत मिली और 4 अक्टूबर को उनकी रिहाई हुई. रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालने की कोशिश की, जिस पर पुलिस से उनकी नोकझोंक भी हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने मामले में लगी हत्या के प्रयास की धारा को भी हटा दिया.

सदबुद्धि और भ्रम दूर करने के लिए शुद्धिकरण'

कलश यात्रा के बाद ज्ञानेश कुमार की मां सत्यवती 28 सितंबर को घर के बाहर कांग्रेसी प्रदर्शन से वह बेहद आहत हैं . उनके मुताबिक यहां घटना का माहौल बनाया, आज हमारा विजयनगर महिला मंडल और पुरुष सभी धर्म के माध्यम से इस आयोजन को सफल बना रहे हैं. भगवान करे उनकी भी सद्बुद्धि हो और हमारी भी सद्बुद्धि हो, विजयनगर का कल्याण हो. अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त की माता ने कहा भारत माता की जय हो जय हिंद. भारत माता की जय हो.

ज्ञानेश कुमार के पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता ने कहा कि भ्रम को हटाने के लिए यह कार्यक्रम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर जो एस आई आर चलाई है उसे तमाम भिन्नता हो रही है उसे हटाने के लिए यह चलाया जा रहा है. एस आई आर ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हर आदमी को वोटिंग राइट मिले. कांग्रेस और दूसरी पार्टी यह नहीं सोचते हैं कि दक्षिण में एस ए आर के बाद वह जीतते हैं और यहां उन्हें आपत्ति होती है. सत्य प्राप्त करने के लिए यह सब आयोजन किया जा रहे हैं. देखें VIDEO:- 

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सुंदरकांड से माहौल शांत करने की कोशिश

महिला मंडल और पुरुषों की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ घर के धार्मिक शुद्धिकरण तक सीमित नहीं बताया गया है. आयोजकों के मुताबिक, वृद्ध माता-पिता के स्वास्थ्य, खुशहाली और दीर्घायु की कामना के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में धार्मिक आयोजन किया जा रहा है. कलश यात्रा के बाद सुंदरकांड का पाठ शुरू किया. इस दौरान शंख और घंटे की ध्वनि के बीच धार्मिक अनुष्ठान हुए.

यानी जिस पैतृक घर के बाहर कुछ दिन पहले राजनीतिक विरोध और कालिख पोतने की घटना हुई थी, उसी घर के बाहर गंगाजल, कलश, शंख और सुंदरकांड के जरिए माहौल को धार्मिक रंग में खड़ा कर दिया गया दी.

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