29 सितंबर की तारीख थी. आगरा के एमएम गेट इलाके के नूरी दरवाजा में रहने वाली 26 साल की विशाखा अचानक गायब हो गई. विशाखा BTC की पढ़ाई कर रही थी. आगे सुपर TET की तैयारी भी थी. परिवार से संपर्क टूटा तो घरवालों ने उसे ढूंढना शुरू किया. लेकिन दिन बीत गया. विशाखा नहीं मिली. फिर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई. केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू हुई.
पुलिस ने विशाखा की कॉल डिटेल खंगाली. जांच में फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया का नाम सामने आया. पुलिस ने शिवजीत को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की. पूछताछ में सामने आया कि विशाखा और शिवजीत के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध होने की बात आरोपी ने बताई. आरोपी ने विशाखा से शादी का वादा किया था. लेकिन इसी साल मई में उसने दूसरी जगह शादी कर ली. विशाखा को जब इसकी जानकारी हुई तो दोनों के बीच विवाद होने लगा.
30 सितंबर को क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, शिवजीत ने पूछताछ में बताया कि 30 सितंबर को विशाखा उसके कमरे पर आई थी. दोनों के बीच शादी को लेकर बहस हुई. इसके बाद शिवजीत के मुताबिक, विशाखा ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली. अब सवाल है कि अगर ऐसा ही हुआ था तो फिर शव यमुना नदी तक कैसे पहुंचा? लेखपाल ने पुलिस को क्या बताया? पुलिस के मुताबिक, शिवजीत ने दावा किया कि विशाखा की मौत के बाद वह घबरा गया. उसने शव को अपनी कार में रखा. फिर कार से बाह की तरफ गया और वहां से इटावा इलाके में पहुंचा.
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आरोपी के कथित बयान के मुताबिक, उसने शव को बोरे में बंद किया और यमुना नदी में फेंक दिया. ये आरोपी का दावा है. विशाखा की मौत की असली वजह क्या थी, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ज्यादा साफ होगी. इधर आगरा में परिवार विशाखा को तलाश रहा था. उधर मंगलवार शाम करीब 4 बजे इटावा के बडपुरा थाना क्षेत्र के मिहौली गांव के पास ग्रामीणों की नजर यमुना किनारे पड़े एक बोरे पर पड़ी. बोरे के अंदर महिला का शव था. पुलिस मौके पर पहुंची. शव की पहचान कराई गई. और पता चला कि यह वही विशाखा थी, जिसकी तलाश आगरा में आठ दिनों से चल रही थी.
परिवार ने हत्या का आरोप लगाया
विशाखा के पिता विजय ओझा ने पुलिस को दिए आरोपी के बयान से अलग कहानी बताई है. उनका आरोप है कि विशाखा की हत्या की गई और फिर शव को यमुना में फेंक दिया गया. पिता ने दोनों परिवारों के बीच 2017 से चली आ रही कथित रंजिश का भी जिक्र किया है. उनका आरोप है कि इसी रंजिश के चलते विशाखा को निशाना बनाया गया. फिलहाल पुलिस ने लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया है. आगरा पुलिस के एडिशनल डीसीपी मनोज के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
विशाखा की मौत आत्महत्या थी या हत्या? शव को कमरे से कार और फिर यमुना तक कैसे ले जाया गया? क्या इस पूरे मामले में कोई और भी शामिल था? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आने हैं. फिलहाल एक तरफ आरोपी का दावा है कि विशाखा ने खुद जान दी. दूसरी तरफ परिवार इसे हत्या बता रहा है. पूरी कहानी पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगी.
अरविंद शर्मा