हरियाणा के नतीजों के उठा-पटक के बीच क्यों ट्रेंड करने लगा 'गोहाना का जलेबा'

हरियाणा चुनाव के नतीजों के करीब पहुंचते ही सोशल मीडिया पर हलचल तेज हो गई है, जहां मीम्स की बरसात देखने को मिल रही है. चुनावी रूझानों के उतार-चढ़ाव पर लोग जमकर रिएक्शन दे रहे हैं, और इस बार जलेबी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर ट्रेंड कर रही है.

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हरियाणा चुनाव के नतीजों में कहां से आई जलेबा-Image Credit-@DhoopAshwini हरियाणा चुनाव के नतीजों में कहां से आई जलेबा-Image Credit-@DhoopAshwini

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST

हरियाणा चुनाव के नतीजों के करीब पहुंचते ही सोशल मीडिया पर हलचल तेज हो गई है, जहां मीम्स की बरसात देखने को मिल रही है. चुनावी रूझानों के उतार-चढ़ाव पर लोग जमकर रिएक्शन दे रहे हैं, और इस बार जलेबी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर ट्रेंड कर रही है.

दरअसल, जलेबी की ये कहानी हरियाणा के गुहाना से शुरू हुई थी. चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक रैली में मशहूर 'मातू राम' की जलेबियों का डिब्बा तोहफे में दिया था. राहुल गांधी ने मंच से इन जलेबियों की तारीफ की और उनके निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि अगर इन्हें किसी बड़े कारखाने में बनाया जाए, तो रोजगार बढ़ेगा और देश-विदेश में इसका निर्यात भी हो सकता है.

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सोशल मीडिया पर इस बयान पर राहुल गांधी को ट्रोल किया गया, और चुनावी नतीजों के दौरान ये जलेबी फिर से चर्चा में आ गई. लोग चुनावी नतीजों की तुलना जलेबी के टेढ़े-मेढ़े आकार से कर रहे हैं, क्योंकि जैसे ही कांग्रेस सुबह रूझानों में बढ़त में दिख रही थी, दोपहर तक वह पिछड़ती नजर आई. इस मजेदार स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर कई फनी कमेंट्स देखने को मिले.

शुरुआती रूझान में भी इस जलेबा का असर देखने को मिला. कांग्रेस में जश्न की तैयारी हो गई है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में लड्डू और जलेबी बांटे गए थे. लेकिन नतीजे जैसे जैसे बदलते गए, कांग्रेस में मायूसी छा गई.

 

आइये देखते हैं कुछ ऐसे ही मजेदार मीम्स

किसी ने जलेबी का जिक्र कांग्रेस पर ऐसे तंज किया.

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किसी ने मजाक-मजाक में कहा- कांग्रेस भले ही हरियाणा हार रही है, लेकिन जलेबी की फैक्ट्री का ख्वाब नहीं मिटना चाहिए.

किसी ने हल्के-फुल्के अंदाज में जलेबी के नाम पर कांग्रेस नेताओं का ऐसे मजाक उड़ाया.

गोहाना का जलेबा क्यों है फेमस

गोहाना की इन जलेबियों का इतिहास काफी रोचक है. इसे मातूराम ने 1958 में शुरू किया था, और अब इसे उनके पोते रमन और नीरज गुप्ता संभाल रहे हैं. ये जलेबियां पूरी तरह से शुद्ध देसी घी में बनाई जाती हैं, आम जलेबी से बड़ी होती. इसलिए इसको जलेबी की जलेबा भी कहा जाता है. हर जलेबी का वजन लगभग 250 ग्राम होता है. जलेबियों का एक किलो का डिब्बा, जिसमें चार पीस होते हैं, 320 रुपये में मिलता है.

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