गुजरात के वडोदरा में एक पालतू तोते के लापता होने का मामला चर्चा में है. तोते के मालिक उसे ढूंढने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. यहां तक कि उन्होंने तोते को वापस लाने वाले व्यक्ति को 1 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान भी किया है. तोते के लापता होने से उसका परिवार काफी परेशान है और उसकी तलाश लगातार की जा रही है. यह मामला वडोदरा के सेवासी इलाके का है. यहां रहने वाली 35 साल की जेसिका पारेख के पास लड्डू नाम का एक तोता था. उसकी उम्र सिर्फ 6 महीने है. वह कॉन्गो अफ्रीकन ग्रे प्रजाति का तोता है. जेसिका उसे अपने परिवार का सदस्य मानती हैं.
जेसिका के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:24 बजे उनके घर की घंटी बजी. उस समय वह पिंजरे में रखे लड्डू को खाना खिला रही थीं. घंटी बजने पर एक डिलीवरी करने वाला व्यक्ति पार्सल लेकर आया था. जेसिका पार्सल लेने के लिए कुछ देर के लिए बाहर गईं. इसी दौरान लड्डू ने पिंजरे का दरवाजा खोल दिया और घर के मुख्य दरवाजे से बाहर उड़ गया. जेसिका को जब तक कुछ समझ आता, तब तक तोता काफी दूर जा चुका था.
तोते को ढूंढने के लिए हर जगह तलाश
लड्डू के गायब होने के बाद से जेसिका और उनका परिवार काफी परेशान है. उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की और पड़ोसियों को भी तोते की तस्वीर दिखाई. इसके अलावा वन विभाग और पक्षियों को बचाने वाले रेस्क्यू ग्रुप से भी संपर्क किया. जेसिका ने सोशल मीडिया पर भी लड्डू की तस्वीरें शेयर की हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को यह तोता दिखाई दे तो तुरंत परिवार को इसकी जानकारी दें.
जेसिका को उम्मीद है कि लड्डू ज्यादा दूर नहीं गया होगा. उनका मानना है कि कम उम्र होने के कारण वह करीब 15 किलोमीटर से ज्यादा दूर नहीं उड़ पाया होगा. उन्हें एक फार्महाउस के पास तोते के दिखाई देने की जानकारी भी मिली थी, लेकिन वहां तलाश करने के बाद भी लड्डू नहीं मिला.
तोते को वापस लाने वाले को 1 लाख रुपये का इनाम
जेसिका ने लड्डू को ढूंढने में मदद करने वाले व्यक्ति को 1 लाख रुपये देने का ऐलान किया है. इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर भी शेयर किया है. इसमें लड्डू की तस्वीर के साथ इनाम की जानकारी दी गई है. हालांकि, इनाम की घोषणा के बाद उन्हें कई तरह के फोन आने लगे हैं. कुछ लोग लड्डू के बारे में जानकारी देने का दावा कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग उन्हें दूसरा तोता खरीदने की सलाह दे रहे हैं. कुछ लोगों ने तो उन्हें कम कीमत में वैसा ही दूसरा तोता बेचने की पेशकश भी की. लेकिन जेसिका ने साफ कर दिया कि उन्हें कोई दूसरा तोता नहीं चाहिए. वह सिर्फ अपने लड्डू को वापस पाना चाहती हैं.
'मुझे अपना बच्चा वापस चाहिए'
जेसिका ने बताया कि लड्डू उनके लिए सिर्फ एक पालतू पक्षी नहीं, बल्कि उनके बच्चे जैसा है. वह उसे घर में हमेशा पिंजरे में बंद करके नहीं रखती थीं. उसे घर में खुलकर घूमने की आजादी थी. अगर वह घर में कुछ सामान गिरा देता या गंदगी फैला देता, तब भी परिवार को कोई परेशानी नहीं होती थी. जेसिका का कहना है कि लड्डू ज्यादा शोर और लोगों की भीड़ पसंद नहीं करता था. जब भी घर में मेहमान आते थे, तो वह एक जगह बिल्कुल शांत होकर बैठ जाता था. उन्हें इस बात की भी चिंता है कि दिवाली के पटाखों की आवाज से लड्डू डर सकता है. उन्हें डर है कि वह कहीं किसी सुनसान जगह पर अकेला और परेशान न बैठा हो.
जेसिका ने बताया कि उन्होंने इस साल की शुरुआत में मुंबई से लड्डू को लिया था. उनके मुताबिक, लड्डू के पैर में एक पहचान वाली रिंग भी लगी है. इसलिए उसकी सही पहचान करना आसान होगा. फिलहाल परिवार को किसी ऐसे व्यक्ति का इंतजार है, जो लड्डू को देखकर पहचान सके और उसकी जानकारी दे सके. जेसिका को उम्मीद है कि उनका प्यारा लड्डू जल्द ही घर लौट आएगा.
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