25 की उम्र में कितनी हो सैलरी कि किराया, खर्च और बचत सब हो जाए?

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में रहने के लिए हर महीने कितनी सैलरी होनी चाहिए? जानिए 25 साल की उम्र में किराया, खाना, आने-जाने का खर्च और बचत को मिलाकर कितना होना चाहिए आपका मासिक बजट.

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25 साल की उम्र में हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति एक जैसी नहीं होती. ( Photo: ITG) 25 साल की उम्र में हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति एक जैसी नहीं होती. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST

आज के समय में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे बड़े शहरों में नौकरी करना युवाओं के लिए आम बात हो गई है. बेहतर नौकरी, करियर में आगे बढ़ने और अच्छी जिंदगी जीने की चाह में बड़ी संख्या में युवा इन शहरों का रुख करते हैं. लेकिन यहां पहुंचने के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है कि आखिर कितनी सैलरी होनी चाहिए, जिससे महीने का खर्च भी आसानी से निकल जाए, घूमने-फिरने के लिए पैसे मिलें और भविष्य के लिए कुछ बचत भी हो सके.

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खासतौर पर 25 साल की उम्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह समझना जरूरी है कि सिर्फ अच्छी सैलरी मिलना ही काफी नहीं है. असली बात यह है कि कमाई में से किराया, खाना, आने-जाने का खर्च और दूसरे जरूरी बिल चुकाने के बाद आपके पास कितने पैसे बचते हैं.

बड़े शहरों में रहने का कितना आता है खर्च?
किसी भी शहर में रहने का खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि आप अकेले रहते हैं या दोस्तों के साथ कमरा शेयर करते हैं. इसके अलावा घर की जगह, ऑफिस से दूरी और आपकी लाइफस्टाइल भी खर्च को बढ़ा या घटा सकती है. उदाहरण के लिए, अगर आप दिल्ली-एनसीआर में नौकरी करते हैं और किराये के कमरे में रहते हैं, तो हर महीने कमरे के किराये पर करीब 8,000 से 15,000 रुपये खर्च हो सकते हैं. खाने और राशन पर 4,000 से 7,000 रुपये, आने-जाने पर 1,500 से 3,000 रुपये और बिजली, इंटरनेट और मोबाइल पर करीब 1,000 से 2,000 रुपये खर्च हो सकते हैं. इसके अलावा बाहर खाने, घूमने-फिरने, खरीदारी और दूसरे जरूरी कामों के लिए 4,000 से 9,000 रुपये तक की जरूरत पड़ सकती है.

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इस हिसाब से शेयर्ड कमरे में रहने वाले किसी युवा का मासिक खर्च करीब 18,500 से 36,000 रुपये तक हो सकता है. यह एक अनुमान है. असल खर्च आपके शहर, इलाके और रहन-सहन पर निर्भर करेगा. अगर आप अकेले फ्लैट लेते हैं, तो किराया और दूसरे खर्च काफी बढ़ सकते हैं. वहीं, पीजी में रहने या दोस्तों के साथ कमरा साझा करने से पैसे बचाए जा सकते हैं.

25 साल की उम्र में कितनी होनी चाहिए सैलरी?
25 साल की उम्र में हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति एक जैसी नहीं होती. किसी पर परिवार की जिम्मेदारी होती है, तो कोई अपने खर्च खुद उठाता है. कुछ युवा घर पर भी पैसे भेजते हैं. इसलिए सैलरी का लक्ष्य तय करते समय अपनी जरूरतों और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखना चाहिए.

अगर आपकी हर महीने की सैलरी 30,000 रुपये है, तो शेयर्ड कमरे या पीजी में रहकर बड़े शहर में खर्च चलाया जा सकता है. हालांकि, किराया ज्यादा होने या परिवार को पैसे भेजने की जिम्मेदारी होने पर बचत करना मुश्किल हो सकता है. वहीं, अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये महीने है, तो खर्चों को सही तरीके से संभालने पर बचत करने, दोस्तों के साथ बाहर जाने और कभी-कभार घूमने-फिरने के लिए भी पैसे बच सकते हैं.

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अगर आपकी मासिक सैलरी 70,000 रुपये या उससे ज्यादा है, तो अपने खर्चों के हिसाब से बेहतर घर में रहने, घूमने-फिरने और भविष्य के लिए ज्यादा बचत करने की गुंजाइश बन सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इस सैलरी में हर शहर में आराम से रहा जा सकता है. महंगे इलाके में अकेले रहना, कर्ज की किस्त चुकाना या परिवार की आर्थिक मदद करना आपके खर्च को बढ़ा सकता है. 

सैलरी का कितना हिस्सा बचाना चाहिए?
नौकरी शुरू करने के बाद कई युवा अपनी पूरी कमाई खर्च कर देते हैं. महीने की शुरुआत में बाहर खाना, ऑनलाइन खरीदारी और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने पर पैसे खर्च होते रहते हैं. महीने के आखिर में बचत के लिए कुछ नहीं बचता. इससे बचने का एक तरीका है कि सैलरी आते ही बचत के लिए कुछ पैसे अलग कर दिए जाएं.

उदाहरण के लिए, अगर आपकी हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी 50,000 रुपये है, तो आप अपने बजट के हिसाब से 15,000 रुपये किराये और घर से जुड़े खर्चों के लिए, 6,000 रुपये खाने-राशन के लिए, 2,500 रुपये आने-जाने के लिए और 1,500 रुपये बिजली, इंटरनेट व मोबाइल के लिए रख सकते हैं. इसके अलावा 5,000 रुपये घूमने-फिरने और खरीदारी के लिए और 5,000 रुपये दूसरे जरूरी खर्चों के लिए रखे जा सकते हैं. इस तरह करीब 15,000 रुपये बचत के लिए अलग किए जा सकते हैं.

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हालांकि, यह सिर्फ एक उदाहरण है. अगर आपका किराया ज्यादा है या आप परिवार को पैसे भेजते हैं, तो बचत की रकम कम हो सकती है. जरूरी यह है कि आप अपनी कमाई और खर्च का हिसाब रखें और अपनी स्थिति के मुताबिक नियमित बचत करने की कोशिश करें.

इमरजेंसी के लिए भी रखें पैसे
25 साल की उम्र में करियर की शुरुआत करते समय भविष्य की अनिश्चितताओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. नौकरी छूटना, अचानक घर जाना या कोई बड़ा जरूरी खर्च सामने आना किसी के साथ भी हो सकता है. इसलिए धीरे-धीरे इतना पैसा अलग रखने की कोशिश करें कि कमाई रुकने पर भी कुछ महीनों तक जरूरी खर्च पूरे किए जा सकें. इसे इमरजेंसी फंड कहा जाता है.

इस फंड में कितने पैसे होने चाहिए, यह आपके मासिक खर्च और जिम्मेदारियों पर निर्भर करता है. अगर आप पर कर्ज है, तो उसकी किस्तों को भी अपने बजट में शामिल करें. सिर्फ ज्यादा सैलरी मिलने के भरोसे अपने खर्च लगातार बढ़ाना सही नहीं है. बचत और इमरजेंसी फंड होने से मुश्किल समय में आर्थिक दबाव कम हो सकता है.

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में सैलरी का हिसाब अलग क्यों है?
हर बड़े शहर में रहने का खर्च एक जैसा नहीं होता. एक ही शहर में ऑफिस के पास घर लेने और दूर रहने के बीच किराये और आने-जाने के खर्च में बड़ा अंतर हो सकता है. मुंबई के कई इलाकों में घर का किराया बजट का बड़ा हिस्सा ले सकता है. बेंगलुरु और हैदराबाद में भी ऑफिस वाले इलाकों के आसपास रहने का खर्च ज्यादा हो सकता है. दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन के पास रहने से आने-जाने का खर्च संभालने में मदद मिल सकती है, हालांकि किराया इलाके के हिसाब से बदलता है.

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इसलिए नौकरी के लिए शहर चुनते समय सिर्फ मिलने वाली सैलरी नहीं, बल्कि वहां रहने के बाद बचने वाली रकम पर भी ध्यान देना चाहिए. कई बार थोड़ी कम सैलरी वाली नौकरी भी बेहतर साबित हो सकती है, अगर वहां किराया कम हो और रोजाना आने-जाने में कम समय और पैसा लगे.

आखिर कितनी सैलरी में आराम से रह सकते हैं?
25 साल की उम्र में बड़े शहर में आराम से रहने के लिए कोई एक तय सैलरी नहीं है. अगर आप शेयर्ड कमरे में रहते हैं और आपकी जरूरतें सीमित हैं, तो कम कमाई में भी खर्च चल सकता है. लेकिन अगर आप अकेले रहना चाहते हैं, नियमित बचत करना चाहते हैं और परिवार की मदद भी करते हैं, तो ज्यादा सैलरी की जरूरत होगी. इसलिए अपने लिए सैलरी का लक्ष्य तय करते समय तीन बातों का हिसाब लगाएं. हर महीने का जरूरी खर्च, भविष्य के लिए बचत और अपनी पसंद की जिंदगी जीने के लिए जरूरी रकम. अच्छी सैलरी वही है, जिसमें महीने का खर्च पूरा करने के बाद भी आपके पास बचत और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने के लिए पैसे रहें.

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