धरती पर एक ऐसी भी नदी है. जिसमें मछलियों की तरह मगरमच्छ भरे हुए हैं. इस नदी में इतने मगरमच्छ हैं कि इसमें कदम रखना तो दूर, इसके आसपास जाने से भी लोग डरते हैं. इस नदीं बोट या स्टमीर से जाना भी खतरे से खाली नहीं होता है. क्योंकि, मगरमच्छ छलांग लगाकर भी हमला करते हैं.
हर साल इस नदी के आसपास से लोगों के गायब होने की खबर मिलती रहती है. फिर कुछ दिनों बाद पता चलता है कि वेलोग मगरमच्छ के हमले का शिकार बन गए. यह खतरनाक नदी ऑस्ट्रेलिया में बहती है. इस नदी का नाम मैरी रिवर है. वैसे ऑस्ट्रेलिया में तो दर्जनों ऐसी नदियां हैं, जिनमें मगरमच्छ भरे पड़े हैं, लेकिन मैरी नदी में सबसे ज्यादा मगरमच्छ रहते हैं.
ऑस्ट्रेलिया के नॉर्थ टेरिटरी में बहने वाली मैरी नदी में कितने मगरमच्छ हैं. इसकी सटीक संख्या पता नहीं है, लेकिन आबादी लाख से ज्यादा है. news.com.au की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नदी में प्रति किलोमीटर औसतन लगभग 15 खारे पानी के मगरमच्छ पाए जाते हैं, जिससे यह मगरमच्छों के लिए दुनिया का सबसे अधिक घनत्व वाला क्षेत्र बन जाता है।
अनुमान है कि पूरे उत्तरी क्षेत्र में जंगली में लगभग एक लाख मगरमच्छ रहते हैं. मैरी नदी के अलावा इस क्षेत्र की अधिकांश नदियों में प्रति किलोमीटर औसतन पांच खारे पानी के मगरमच्छ पाए जाते हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह नदी कितनी खतरनाक है. लोग इसके आसपास जाने से भी डरते हैं.
यह भी पढ़ें: सुंदरवन का शहद! सिर पर कफन बांधकर इसे लेने जाते हैं, कई तो वापस नहीं आ पाते
शैडी कैंप मैरी नदी का ही एक हिस्सा है और इसमें पृथ्वी पर कहीं भी पाए जाने वाले खारे पानी के मगरमच्छों की सबसे अधिक घनत्व है. यहां रहने वाले मगरमच्छ 28 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकते हैं और जब वे पानी के किनारे से छलांग लगाते हैं तो वे लगभग एक सेकंड में पहले छह से सात मीटर की दूरी तय कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें: इंसानों से छुपकर रहते हैं ये लोग, सीटी बजाकर करते हैं बात, सरकार भी नहीं कर पाई इनकी गिनती
अगर आपके पैर पानी में हैं और उनमें से कोई आप पर हमला करता है, तो आपकी मौत निश्चित है. इस तरह अंदाजा लगाया जा सकता है कि गलती से भी अगर कोई अनजान व्यक्ति इस नदी के पास चला गया तो उसके साथ क्या हो सकता है. क्योंकि, ऐसे सैकड़ों हादसे हो चुके हैं. जब लोग नदी से काफी दूर रहते हैं, फिर ये खतरनाक शिकारी लोगों को खींच ले जाते हैं.
aajtak.in