भूकंप से निकलने के सारे रास्ते हुए बंद, पहाड़ पर फंसे 500 लोग

भूकंप के कारण भूस्खलन होने से पर्वतारोहियों के वापस निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं. बचाव कार्य के लिए दो हेलिकॉप्टरों को तैनात किया गया है.

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 6.4 की तीव्रता वाले भूकंप से 14 लोगों की मौत हो गई 6.4 की तीव्रता वाले भूकंप से 14 लोगों की मौत हो गई

अभि‍षेक आनंद

  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 5:11 PM IST

इंडोनेशिया के पर्यटक द्वीप लोम्बोक के माउंट रिनजानी में फंसे 500 से ज्यादा पर्वतारोहियों को बचाने के लिए बचाव दल सोमवार को प्रयासरत हैं. यह लोग भूकंप के बाद से फंसे हुए हैं. 6.4 की तीव्रता वाले भूकंप से 14 लोगों की मौत हो गई है और 162 से ज्यादा घायल हुए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के कारण भूस्खलन होने से पर्वतारोहियों के वापस निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं. पर्वतारोहियों के समूह में स्पेन के पांच निवासी भी शामिल हैं. हालांकि इनमें से कोई भी खतरे में नहीं है.

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आपदा प्रबंधन की राष्ट्रीय एजेंसी (बीएनपीबी) के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुगरोहो ने सोशल मीडिया पर कहा, "बचाव कार्य के लिए दो हेलिकॉप्टरों को तैनात किया गया है और 246 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है."

माउंट रिनजानी एक सक्रिय ज्वालामुखी है और यह लोम्बोक के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है. रविवार तड़के करीब 10 सेकेंड तक आए भूकंप के झटके ने मध्य इंडोनेशियाई द्वीप को हिला कर रख दिया था. बीएनपीबी के अनुमान के मुताबिक, भूकंप से हजारों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 6,200 से ज्यादा परिवार इससे प्रभावित हुए हैं.

मरने वाले 10 लोगों में एक मलेशियाई नागरिक भी शामिल है. भूकंप के झटके पड़ोसी बाली और सुम्बावा द्वीप में भी महसूस किए गए. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये पर्वतारोही फ्रांस, थाईलैंड, नीदरलैंड और मलेशिया के रहने वाले हैं.

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