जब हम किसी दूसरे देश में जाते हैं तो वहां की कई छोटी-छोटी बातें भी हमें हैरान कर सकती हैं. खाने-पीने से लेकर लोगों के बोलने और काम करने के तरीके तक, हर जगह कुछ न कुछ अलग देखने को मिलता है. ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली एक भारतीय महिला ने भी वहां की ऐसी ही 5 चीजों के बारे में बताया है, जो उनके लिए काफी अलग थीं. उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में ये बातें बिल्कुल सामान्य हैं, लेकिन भारत से आने वाले किसी व्यक्ति को शुरुआत में ये काफी अजीब लग सकती हैं.
शाम 5 बजे दुकानें बंद
महिला ने सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में दुकानों के जल्दी बंद होने की बात बताई. उनके मुताबिक, वहां कई दुकानें शाम 5 बजे तक बंद हो जाती हैं और लोग इसे बिल्कुल सामान्य मानते हैं. यहां तक कि शनिवार को शाम 6 बजे किसी दुकान का खुला मिलना भी मुश्किल हो सकता है. भारत में इसके बिल्कुल उल्टा कई बाजार और दुकानें देर रात तक खुले रहते हैं. खासकर बड़े शहरों में लोग रात में भी खरीदारी करने निकल जाते हैं. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में शाम होते ही दुकानों के बंद होने की आदत भारतीयों को काफी अलग लग सकती है.
शहर में घोड़े पर पुलिसवाले
दूसरी चीज जिसने महिला को हैरान किया, वह थी घोड़े पर सवार पुलिस अधिकारी. उन्होंने बताया कि शहर के बीचोंबीच यानी मुख्य इलाके में चलते समय अचानक घोड़े पर सवार पुलिस अधिकारी दिखाई दे सकते हैं. भारत में भी कुछ खास मौकों या इलाकों में घुड़सवार पुलिस दिखाई देती है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में यह नजारा हर किसी को देखने को नहीं मिलता. ऑस्ट्रेलिया में यह वहां की सामान्य तस्वीर का हिस्सा है.
बॉस को नाम से बुलाना
ऑस्ट्रेलिया की काम करने की संस्कृति में एक और बात महिला को अलग लगी. वहां बॉस, शिक्षक या डॉक्टर को उनके नाम से बुलाना आम है. भारत में आमतौर पर बड़े अधिकारी या उम्र में बड़े व्यक्ति को सर, मैडम, अंकल या आंटी जैसे संबोधन से बुलाया जाता है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया में किसी बॉस को उसके पहले नाम से बुलाना असम्मान नहीं माना जाता. महिला ने बताया कि वहां बॉस भी अपने नाम से जाने जाते हैं और टीचर या डॉक्टर को भी सीधे उनके नाम से बुलाया जा सकता है.
समय पूरा होते ही ऑफिस से घर
महिला ने ऑस्ट्रेलिया की काम करने के कल्चर की भी तारीफ की. उनके मुताबिक, वहां लोग ऑफिस का काम खत्म होने के बाद समय पर घर चले जाते हैं. देर तक ऑफिस में बैठे रहना उपलब्धि या मेहनत की निशानी नहीं माना जाता. लोग अपने परिवार, निजी जिंदगी और छुट्टियों के समय को भी महत्व देते हैं. यानी सिर्फ काम ही जिंदगी का हिस्सा नहीं है. काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन को अहम माना जाता है.
पार्क और सुविधाएं भी खास
महिला ने ऑस्ट्रेलिया के सार्वजनिक पार्कों और वहां मिलने वाली सुविधाओं का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, वहां कई जगहों पर साफ-सुथरे पार्क, पब्लिक टॉयलेट , वॉकिंग ट्रैक, बच्चों के खेलने की जगह और पिकनिक स्पॉट मिलते हैं. कुछ सार्वजनिक जगहों पर लोगों के लिए मुफ्त बारबेक्यू की सुविधा भी उपलब्ध होती है. खास बात यह है कि इन जगहों को साफ और अच्छी स्थिति में रखने पर भी काफी ध्यान दिया जाता है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
महिला की पोस्ट सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ लोगों ने कहा कि साफ पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं का होना किसी के लिए भी अच्छी बात है. वहीं कुछ यूजर्स ने काम की जगह पर कर्मचारियों के सम्मान और निजी समय को महत्व देने की बात भी कही. दरअसल, एक देश से दूसरे देश में जाने पर ऐसी छोटी-छोटी चीजें ही सबसे पहले नजर आती हैं. जो बात एक जगह बिल्कुल सामान्य है, वही दूसरी जगह से आए व्यक्ति को काफी अलग और दिलचस्प लग सकती है. ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली इस भारतीय महिला का अनुभव भी इसी सांस्कृतिक अंतर की एक झलक दिखाता है.
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