भारत में अच्छी नौकरी पाना आसान नहीं है. खासकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक पोस्ट के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवार आवेदन करते हैं. इसके बाद शुरू होता है इंटरव्यू का लंबा दौर. कई बार उम्मीदवारों को एक ही कंपनी में नौकरी पाने के लिए कई राउंड देने पड़ते हैं. अब एक टेकी ने भारत और अमेरिका के जॉब इंटरव्यू की तुलना करते हुए ऐसा दावा किया है, जिस पर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है.
टेकी ने रेडिट पर बताया कि भारत में नौकरी के लिए होने वाले इंटरव्यू अमेरिका की तुलना में काफी ज्यादा मुश्किल हो सकते हैं. उनका दावा है कि भारत में उम्मीदवारों से कई स्तरों पर सवाल पूछे जाते हैं और एक पद के लिए कंपटीशन भी बहुत ज्यादा होती है. इसके बावजूद कई मामलों में मिलने वाली सैलरी अमेरिका के मुकाबले काफी कम होती है.
भारत में इंटरव्यू के इतने राउंड क्यों?
भारत की बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी के लिए अक्सर कई चरणों से गुजरना पड़ सकता है. शुरुआत में रिज्यूमे की स्क्रीनिंग होती है. इसके बाद फोन या ऑनलाइन बातचीत, टेक्निकल इंटरव्यू, कोडिंग टेस्ट, मैनेजर राउंड और एचआर राउंड जैसे राउंड हो सकते हैं. कई कंपनियां उम्मीदवार की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ उसकी समस्या हल करने की स्किल, कम्युनिकेशन और टीम के साथ काम करने की स्किल भी चेक करती हैं. इस पूरी प्रक्रिया में उम्मीदवार को कई घंटे तैयारी करनी पड़ सकती है. कई बार एक कंपनी का इंटरव्यू पूरा होने में कई दिन या उससे भी ज्यादा समय लग जाता है.
अमेरिका में क्या है अलग?
टेकी के मुताबिक, अमेरिका में भी टेक सेक्टर की नौकरियों के लिए इंटरव्यू आसान नहीं होते. वहां भी उम्मीदवार की टेक्निकल स्किल और अनुभव को परखा जाता है. लेकिन उनका दावा है कि भारत में एक ही पोस्ट के लिए उम्मीदवारों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण कंपनियां ज्यादा कड़े तरीके अपना सकती हैं. भारत में बड़ी संख्या में युवा टेक सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं. आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों में नौकरी को अच्छा करियर विकल्प माना जाता है. इसलिए एक अच्छी नौकरी के लिए उम्मीदवारों के बीच काफी प्रतिस्पर्धा रहती है.
आधी सैलरी वाला दावा क्यों चर्चा में है?
टेकी की पोस्ट में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात ने खींचा कि भारत में कई बार उम्मीदवारों को कठिन इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरने के बाद अमेरिका की तुलना में कम सैलरी मिलती है. उनका कहना है कि अमेरिका में इसी तरह के पोस्ट के लिए सैलरी काफी ज्यादा हो सकती है, जबकि भारत में उम्मीदवार को उसी तरह की नौकरी के लिए कम पैकेज स्वीकार करना पड़ सकता है.
अमेरिका और भारत की सैलरी की सीधी तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं बताता. दोनों देशों में रहने का खर्च, टैक्स, नौकरी का बाजार, कंपनी का आकार और अनुभव के हिसाब से वेतन काफी अलग हो सकता है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
टेकी के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई. कुछ लोगों ने कहा कि भारत में जॉब को लेकर कंपटीशन काफी ज्यादा है. खासकर टेक सेक्टर में कंपनियों के पास बड़ी संख्या में उम्मीदवार होते हैं, इसलिए चयन प्रक्रिया लंबी और मुश्किल हो सकती है. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि अमेरिका में भी टेक कंपनियों के इंटरव्यू काफी कठिन होते हैं. वहां उम्मीदवारों से कोडिंग, सिस्टम डिजाइन और उनके पिछले काम से जुड़े कई सवाल पूछे जाते हैं. इसलिए सिर्फ इंटरव्यू के कठिन होने के आधार पर दोनों देशों की तुलना करना सही नहीं होगा.
आखिर नौकरी पाने के लिए क्या जरूरी है?
भारत हो या अमेरिका, अच्छी टेक नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री काफी नहीं है. उम्मीदवार के पास मजबूत तकनीकी जानकारी, समस्या को समझने और उसका समाधान निकालने की क्षमता और अच्छे कम्युनिकेशन स्किल होना भी जरूरी है. इसके अलावा जिस कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया जा रहा है, उसके इंटरव्यू पैटर्न को समझना भी काफी मददगार हो सकता है.
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