AC खरीदने की होड़, पिघलने लगीं सड़कें... यूरोप से सामने आ रहे हैं डराने वाले Video

यूरोप में भीषण गर्मी का असर अब सड़कों, रेल नेटवर्क और बिजली व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है. सोशल मीडिया पर पिघलती सड़कें, मुड़ती ट्राम पटरियां और AC खरीदने के लिए उमड़ी भीड़ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं.

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यूरोप इस समय रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की चपेट में है (Photo:ITG) यूरोप इस समय रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की चपेट में है (Photo:ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST

यूरोप इस समय रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की चपेट में है. फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और कई अन्य देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ लोगों की सेहत तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़कों, रेल नेटवर्क और बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो ये दावा किया जा रहा है में फ्रांस की सड़कों की ऊपरी परत भीषण गर्मी के कारण नरम पड़ती और पिघलती नजर आ रही है. वहीं जर्मनी में अत्यधिक तापमान की वजह से ट्राम की पटरियां टेढ़ी हो गईं, जिसके कारण कई जगह सेवाएं रोकनी पड़ीं या उनकी रफ्तार कम करनी पड़ी.

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जर्मनी के डीडब्ल्यू (DW) की रिपोर्ट के मुताबिक, लाइपज़िग शहर में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाली भीषण गर्मी के कारण डामर (अस्फाल्ट) और बिटुमेन पिघलने लगे, जिससे ट्राम के ट्रैक और पॉइंट्स जाम हो गए. सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पूरे सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) ट्राम सेवाएं पूरी तरह बंद कर दीं. शहर की मुख्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ठप होने से लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं.

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रॉयटर्स के मुताबिक, यह हीटवेव 20 जून के आसपास शुरू हुई और कुछ इलाकों में सामान्य से 18 डिग्री सेल्सियस तक अधिक तापमान दर्ज किया गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 'ओमेगा ब्लॉक' नाम के मौसमीय पैटर्न और जलवायु परिवर्तन के संयुक्त असर का परिणाम है. सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो यूरोप में गर्मी की भयावह स्थिति को दिखाते हैं.

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ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एयर कंडीशनर (AC) खरीदने के लिए लोगों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं. दुकान के बाहर इतनी भीड़ है कि मानो खरीदारी नहीं, बल्कि होड़ मची हो.

वहीं एक अन्य वीडियो में भीषण गर्मी के कारण सड़क का डामर नरम पड़ता और पिघलता नजर आ रहा है.

एक और वीडियो में यूरोप के समुद्र तटों (बीच) पर लोगों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. गर्मी से राहत पाने के लिए हजारों लोग समुद्र किनारे पहुंच गए, जिससे वहां मेले जैसा माहौल बन गया.

 

फ्रांस में गर्मी के कारण अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि गर्म नदियों के कारण कुछ परमाणु बिजली संयंत्रों का उत्पादन भी घटाना पड़ा. इटली, जर्मनी और मध्य यूरोप के कई हिस्सों में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि यूरोप में कभी 'सदी में एक बार' आने वाली ऐसी भीषण हीटवेव अब जलवायु परिवर्तन की वजह से कहीं ज्यादा बार देखने को मिल सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाएं और गंभीर हो सकती हैं.

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