भारत घूमने आने वाले विदेशी पर्यटक अक्सर यहां की संस्कृति, खान-पान, योग और आध्यात्मिक माहौल की बातें करते हैं. लेकिन नीदरलैंड की एक महिला ने भारत यात्रा के दौरान ऐसा अनुभव शेयर किया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया. ऋषिकेश पहुंचीं डच फिल्ममेकर और स्टोरीटेलर इशा ब्रैंडरहॉर्स्ट ने बताया कि यहां एक पुल पर चलते समय उनकी आंखों से अचानक आंसू निकलने लगे. उन्हें पहली बार किसी जगह पर ऐसा महसूस हुआ कि वह सच में यहां से जुड़ी हुई हैं.
ऋषिकेश में चलते-चलते क्यों रोने लगीं?
इशा ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में इस अनुभव के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि वह ऋषिकेश में एक पुल पर चल रही थीं. तभी अचानक उनके अंदर कुछ बदल सा गया और वह रोने लगीं. उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने दुनिया में कहीं भी ऐसा महसूस नहीं किया था कि वह किसी जगह से पूरी तरह जुड़ी हुई हैं. लेकिन ऋषिकेश में उन्हें पहली बार लगा कि शायद उन्हें वह जगह मिल गई है, जहां वह खुद को अपना महसूस कर सकती हैं. इशा के मुताबिक, “मुझे पहली बार लगा कि मैं कहीं बिलॉन्ग करती हूं.” उनके लिए यह सिर्फ घूमने या किसी खूबसूरत जगह को देखने का अनुभव नहीं था, बल्कि एक बहुत निजी और भावुक पल था.
काफी समय से रो नहीं पाई थीं
इशा ने अपनी बात बताते हुए एक और निजी बात शेयर की. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से रो नहीं पाई थीं. उनके मुताबिक, उन्होंने अपने आसपास खुद को बचाने के लिए एक तरह की मजबूत परत बना ली थी. वह बहुत कुछ अपने अंदर रखती थीं और खुद को भावनाओं से बचाने की कोशिश करती थीं. लेकिन ऋषिकेश में चलते समय वह परत जैसे अचानक हट गई. उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे और वह उस पल को रोकना नहीं चाहती थीं. ऋषिकेश उत्तराखंड में गंगा के किनारे बसा शहर है.
यहां योग केंद्र, घाट और आध्यात्मिक माहौल की वजह से भारत ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. इशा के लिए भी ऋषिकेश का अनुभव सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने इसे अपने लिए एक गहरे जुड़ाव के रूप में महसूस किया. उनके वीडियो के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपने अनुभव शेयर करने शुरू कर दिए.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
इशा की पोस्ट पर कई लोगों ने लिखा कि ऋषिकेश का माहौल बाकी जगहों से अलग महसूस होता है. एक यूजर ने कहा कि ऋषिकेश में उसे भी अलग और बहुत मजबूत ऊर्जा महसूस होती है.एक अन्य यूजर ने लिखा कि शायद इशा को आखिरकार वह चीज मिल गई, जिसकी उन्हें तलाश थी. इशा ने भी अपने वीडियो में इसे अपने पर्सनल एक्सपीरियंस के तौर पर ही बताया है.
भारत ने बदल दिया नजरिया?
इशा का यह अनुभव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह भारत को सिर्फ एक पर्यटन स्थल की तरह नहीं देख रही थीं. ऋषिकेश में उन्हें ऐसा भावनात्मक जुड़ाव महसूस हुआ, जिसे शब्दों में समझाना उनके लिए भी आसान नहीं था. कभी-कभी किसी नई जगह पर पहुंचकर इंसान को ऐसा अनुभव होता है, जिसकी उसने उम्मीद भी नहीं की होती. इशा के लिए ऋषिकेश का वह पुल और वहां बिताया गया कुछ समय ऐसा ही पल बन गया.
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