स्कूल फीस ₹14 लाख, बस के ₹3 लाख! दुबई में पढ़ाई का खर्च वायरल

दुबई की एक महिला ने अपनी बेटी की स्कूल की पढ़ाई का खर्च सोशल मीडिया पर शेयर किया है. महिला के मुताबिक, बेटी की सालाना ट्यूशन फीस करीब ₹14 लाख है, जबकि स्कूल बस के लिए करीब 3 लाख से ज्यादा देने पड़ते हैं. इसके अलावा यूनिफॉर्म, असेसमेंट और दूसरी सुविधाओं का खर्च भी अलग है. यह खर्च देखकर सोशल मीडिया पर लोग हैरान हैं.

Advertisement
बच्चे की स्कूल फीस के अलावा छोटी-छोटी जरूरतों पर भी लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं. (Photo: AI) बच्चे की स्कूल फीस के अलावा छोटी-छोटी जरूरतों पर भी लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं. (Photo: AI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:23 AM IST

दुबई में रहने वाली एक महिला ने अपनी बेटी की स्कूल की पढ़ाई पर होने वाले सालभर के खर्च का पूरा हिसाब सोशल मीडिया पर शेयर किया है. इस खर्च को देखकर कई लोग हैरान हैं. महिला के मुताबिक, बेटी की सिर्फ सालाना ट्यूशन फीस करीब 14 लाख रुपये है. इसके अलावा स्कूल बस, यूनिफॉर्म और दूसरी सुविधाओं के लिए भी अलग से पैसे देने पड़ते हैं. इस पूरे खर्च की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दुबई में पढ़ाई की बढ़ती लागत को लेकर चर्चा कर रहे हैं.

Advertisement

दुबई में रहने वाली वेरोनिका नाम की महिला दो बच्चों की मां हैं. वह सोशल मीडिया पर अपनी फैमिली लाइफ से जुड़ी चीजें शेयर करती रहती हैं. हाल ही में उन्होंने एक वीडियो में बताया कि अपनी बेटी को दुबई के GEMS International School में पढ़ाने के लिए उन्हें किन-किन खर्चों का सामना करना पड़ता है. महिला के मुताबिक, बच्चे का एडमिशन शुरू होने से पहले ही एक असेसमेंट फीस देनी पड़ती है. यह फीस करीब 525 दिरहम यानी लगभग 13 हजार रुपये है. इसके बाद बच्चे का असेसमेंट होता है और आगे की एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जाती है.

सालाना ट्यूशन फीस करीब 14 लाख रुपये
सबसे बड़ा खर्च स्कूल की ट्यूशन फीस है. महिला ने बताया कि उनकी बेटी की सालाना ट्यूशन फीस करीब 55 हजार दिरहम है. भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 14.34 लाख रुपये बैठती है. यह फीस एक साथ देने के बजाय किस्तों में भी जमा की जा सकती है. यानी अगर केवल ट्यूशन फीस की बात करें तो हर महीने का औसत खर्च करीब 1 लाख रुपये से ज्यादा बैठता है. हालांकि, स्कूल की फीस यहीं खत्म नहीं होती. इसके बाद कई दूसरी सुविधाओं के लिए अलग-अलग भुगतान करना पड़ता है.

Advertisement

स्कूल बस के लिए 3 लाख रुपये से ज्यादा
बेटी को घर से स्कूल और स्कूल से घर लाने-ले जाने के लिए महिला स्कूल की बस सेवा का इस्तेमाल करती हैं. इसके लिए सालभर में करीब 12 हजार दिरहम यानी लगभग 3.12 लाख रुपये खर्च होते हैं. यह बस बच्चों को घर से लेकर स्कूल जाती है और स्कूल खत्म होने के बाद उन्हें वापस घर छोड़ती है. यानी केवल आने-जाने की सुविधा के लिए भी परिवार को हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं.

यूनिफॉर्म का खर्च भी अलग
स्कूल की यूनिफॉर्म की कीमत भी ट्यूशन फीस में शामिल नहीं है. इसके लिए करीब 1,000 दिरहम यानी लगभग 26 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं. इसके अलावा रजिस्ट्रेशन, दोबारा रजिस्ट्रेशन और स्कूल की दूसरी एक्टिविटी के लिए भी अतिरिक्त पैसे लग सकते हैं.  महिला ने यह भी बताया कि स्कूल की फीस में बच्चे का खाना शामिल नहीं है. यानी लंच का खर्च भी परिवार को खुद उठाना पड़ता है. वह अपनी बेटी के लिए घर पर खाना तैयार करके लंच बॉक्स में देती हैं.

कुल खर्च देखकर लोग हैरान
महिला की ओर से स्कूल की फीस का यह पूरा हिसाब सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई. कई यूजर्स ने कहा कि इतनी रकम में तो कई जगहों पर कॉलेज की पढ़ाई का खर्च भी पूरा हो सकता है. कुछ लोगों ने दुबई और खाड़ी देशों में बच्चों की पढ़ाई को काफी महंगा बताया. वहीं कुछ लोगों ने इस खर्च को सही भी बताया. उनका कहना था कि अच्छी शिक्षा बच्चे के भविष्य के लिए एक तरह का निवेश है. उनका मानना है कि बेहतर स्कूल बच्चों को आगे चलकर अच्छे करियर और नए अवसर दे सकते हैं.

Advertisement

सिर्फ फीस नहीं, कई दूसरे खर्च भी
अक्सर जब लोग किसी स्कूल की फीस के बारे में सोचते हैं तो उनके दिमाग में सिर्फ ट्यूशन फीस आती है. लेकिन विदेशों में कई स्कूलों में इसके अलावा भी कई तरह के खर्च होते हैं. एडमिशन फीस, असेसमेंट, बस, यूनिफॉर्म, स्कूल की गतिविधियां और खाने जैसी चीजों का खर्च अलग हो सकता है.

दुबई की इस महिला ने अपनी बेटी की पढ़ाई का जो हिसाब शेयर किया है, उससे साफ पता चलता है कि एक बच्चे की स्कूल का कुल खर्च केवल फीस तक सीमित नहीं रहता. करीब 14 लाख रुपये की सालाना ट्यूशन फीस के साथ 3 लाख रुपये से ज्यादा का बस खर्च और दूसरी सुविधाओं का पैसा जोड़ने पर परिवार का कुल बजट काफी बढ़ जाता है. यही वजह है कि महिला की यह जानकारी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. लोगों के लिए सबसे हैरानी वाली बात यह है कि बच्चे की स्कूल फीस के अलावा आने-जाने और रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों पर भी लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »