चीन में ऑफिस जाने वाले युवाओं के बीच इन दिनों एक अजीबोगरीब ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यहां युवा कर्मचारी फॉर्मल कपड़ों या जींस-टीशर्ट की जगह लंबे और ढीले-ढाले काले चोगे पहनकर ऑफिस पहुंच रहे हैं. पहली नजर में ये कपड़े किसी राजा या पुराने जमाने के शासक जैसे लगते हैं.लेकिन इसके पीछे फैशन से ज्यादा एक खास संदेश छिपा है.
दरअसल, चीन के ये युवा लंबे काम के घंटे, ओवरटाइम और काम के लगातार बढ़ते दबाव से परेशान हैं. ऐसे में उन्होंने एक ऐसे बादशाह की पोशाक पहननी शुरू कर दी है, जो अपनी जिम्मेदारियों से दूर रहने के लिए मशहूर था. आइए जानते हैं क्या है यह पूरा ट्रेंड और इसके पीछे की कहानी.
कौन था वह बादशाह, जिसके चोगे की नकल कर रहे युवा?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के Gen-Z जिस शासक की तरह कपड़े पहन रहे हैं, वह मिंग राजवंश का जियाजिंग सम्राट था. मिंग राजवंश ने चीन पर 1368 से 1644 तक शासन किया था. जियाजिंग सम्राट का किरदार मशहूर ऐतिहासिक टीवी ड्रामा 'मिंग डायनेस्टी इन 1566' में अभिनेता चेन बाओगुओ ने निभाया था.
इस सीरियल में जियाजिंग सम्राट को एक ऐसे राजा के रूप में दिखाया गया है, जो अपनी जिम्मेदारियों से दूर रहना पसंद करता था. वह दरबार की बैठकों में शामिल होने के बजाय दीवार के पीछे से मंत्रियों की बातें सुनता था. किसी फैसले पर सहमति जताने के लिए वह कांसे की घंटी बजाता था और कई बार चुप रहकर मंत्रियों को असमंजस में डाल देता था.
इतिहास में भी इस सम्राट की छवि कुछ ऐसी ही रही है. शुरुआत में उसने देश की सीमाओं को मजबूत करने और प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने के लिए काम किया. लेकिन बाद के वर्षों में उसकी दिलचस्पी शासन चलाने के बजाय ताओवाद, तंत्र-मंत्र और लंबी उम्र पाने के नुस्खों में बढ़ गई.
बताया जाता है कि उसने करीब दो दशक तक दरबार की बैठकों में हिस्सा नहीं लिया. वह कागज जलाकर की जाने वाली धार्मिक प्रार्थनाओं और रहस्यमयी संदेशों के जरिए अपना काम चलाता था. इस दौरान सरकारी अधिकारियों का दबदबा बढ़ गया और भ्रष्टाचार भी फैलता गया. 60 साल की उम्र में उसकी मौत हुई. माना जाता है कि पारा मिले लंबी उम्र देने वाले नुस्खों के सेवन से उसकी जान गई थी.
आखिर ऑफिस में क्यों पहन रहे हैं राजा वाला चोगा?
चीन के युवाओं के बीच यह चोगा पहनने का ट्रेंड सिर्फ फैशन तक सीमित नहीं है. इसके जरिए वे ऑफिस में बढ़ते काम के दबाव और ओवरटाइम की संस्कृति के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
आज चीन के कई युवा कर्मचारी लगातार ईमेल, मैसेज, मीटिंग और काम के टारगेट से परेशान हैं. ऐसे में जियाजिंग सम्राट की तरह आराम से रहने और काम से दूरी बनाए रखने की उसकी छवि उन्हें आकर्षित कर रही है.
चीनी सोशल मीडिया पर एक यूजर ने मजाक में लिखा कि आज के कर्मचारियों का पूरा दिन ईमेल और मैसेज के जवाब देने में निकल जाता है, जबकि जियाजिंग सम्राट ध्यान लगाने और तरह-तरह के नुस्खे बनाने के बावजूद पूरे साम्राज्य के काम संभाल लेता था.
कुछ इतिहास प्रेमियों ने तो उसे इंसानी इतिहास में रिमोट वर्क और बिना ज्यादा दखल दिए मैनेजमेंट करने का शुरुआती उदाहरण तक बता दिया है. ऐसे चोगा खरीदने वाले खरीदार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर असल जिंदगी में सम्राट नहीं बन सकता तो कम से कम उसके जैसे कपड़े तो पहन ही सकता हूं.
एक दूसरे यूजर ने कहा कि यह चोगा पहनने से ऑफिस की बेकार की राजनीति से दूर रहने में मदद मिलती है. सम्राट को भला अपने दरबारियों से बहस करने की क्या जरूरत!
160 युआन में बिक रहा है यह शाही चोगा
इस ट्रेंड की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीन के ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर जियाजिंग सम्राट के चोगे की नकल तेजी से बिक रही है. इसके साथ उसी डिजाइन के कंबल भी बेचे जा रहे हैं.
इनकी कीमत करीब 160 युआन यानी लगभग 24 डॉलर है. यह चोगा काफी ढीला और आरामदायक होता है. इसकी वजह से ऑफिस में बैठकर काम करना भी आसान रहता है.
चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म RedNote पर कई युवा अपनी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं. इनमें वे ऑफिस की कुर्सियों पर आराम से बैठकर पैर मोड़े नजर आते हैं. चोगे का बड़ा कपड़ा पेट को ढक लेता है और ऑफिस के ठंडे एसी से भी बचाता है. कुछ लोग इसे चीन का 'मैजिक क्लोक' यानी जादुई चोगा भी कह रहे हैं.
सिर्फ चोगा नहीं, काम के दबाव के खिलाफ विरोध का तरीका
चीन में युवाओं का यह विरोध कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी वहां काम के दबाव और लगातार मेहनत करने की संस्कृति के खिलाफ कई ट्रेंड सामने आ चुके हैं.
मसलन, 'मो यू' का मतलब है काम के बीच जानबूझकर थोड़ा समय निकालना. इसमें कर्मचारी ऑफिस के दौरान लंबे समय तक बाथरूम में रहते हैं. ऑनलाइन कहानियां पढ़ते हैं या इंटरनेट पर खरीदारी करते हैं.
इसी तरह 'तांग पिंग' यानी लेट जाना या जिंदगी में बहुत ज्यादा भागदौड़ से इनकार करना भी युवाओं के बीच पॉपुलर हुआ है. वहीं 'बाई लान' का मतलब है चीजों को उनके हाल पर छोड़ देना. इन दोनों विचारों का मूल संदेश है कि काम में उतनी ही मेहनत करो जितनी जरूरी है, खुद को जरूरत से ज्यादा थकाने का कोई मतलब नहीं.
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अब जियाजिंग सम्राट का चोगा इसी सोच का नया प्रतीक बन गया है. एक कर्मचारी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि अगर सैलरी 5,000 युआन है तो उससे 50,000 युआन के बराबर काम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
कुल मिलाकर, चीन के युवाओं का यह ट्रेंड सिर्फ एक पुराने शाही पहनावे को दोहराने का मामला नहीं है. यह उन कर्मचारियों की चुपचाप बगावत है, जो काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन चाहते हैं और अब हर वक्त काम के दबाव में नहीं रहना चाहते.
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