अजनार नदी वाले बिट्टू तबाही की विदेशों में धूम, विदेशी मीडिया ने क्या लिखा?

अजनार नदी की सफाई के लिए अपने दम पर जुटे बिट्टू तबाही की मुहिम अब भारत की सीमाओं से बाहर तक पहुंच गई है. उनकी मेहनत और नदी को बदलने की कोशिश की कहानी को विदेशी मीडिया ने भी जगह दी है.

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बिट्टू की कहानी को विदेशी मीडिया ने भी जगह दी है. बिट्टू की कहानी को विदेशी मीडिया ने भी जगह दी है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

मध्य प्रदेश की अजनार नदी को साफ करने की मुहिम से पहचान बनाने वाले 'बिट्टू तबाही' अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजर में भी आ गए हैं. बियावरा के इस युवा की कहानी को फ्रांस की मीडिया कंपनी ब्रिटेन के 'द इंडिपेंडेंट' और 'गल्फ न्यूज' तक ने जगह दी है. फ्रांस की मीडिया कंपनी 'ब्रूट' ने अप्रैल में उनकी कहानी पर रिपोर्ट और वीडियो प्रकाशित किया था. एक स्थानीय नदी से शुरू हुआ उनका सफाई अभियान अब विदेशों में भी चर्चा का विषय बन चुका है.

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द इंडिपेंडेंट ने बिट्टू की कहानी में क्या बताया?

'द इंडिपेंडेंट' ने अपनी रिपोर्ट का शीर्षक रखा, 'भारत में कचरे से भरी नदी को अकेले साफ करने वाला 21 साल का युवक'. रिपोर्ट में बिट्टू तबाही का असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी बताया गया है. वह मध्य प्रदेश के बियावरा के रहने वाले छात्र हैं और जनवरी से अजनार नदी की सफाई में जुटे हुए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, नदी में जमा प्लास्टिक, बोतलें, जलकुंभी और दूसरे कचरे को निकालने के लिए बिट्टू ने अपने हाथों के साथ सामान्य औजारों का इस्तेमाल किया. शुरुआत में कुछ दोस्त उनके साथ इस काम में जुटे थे, लेकिन समय के साथ नदी की सफाई का ज्यादातर जिम्मा बिट्टू ने खुद संभाल लिया.

'द इंडिपेंडेंट' ने उनके काम की मुश्किलों का भी जिक्र किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, बिट्टू कई महीनों तक नदी में उतरकर सफाई करते रहे, जबकि उनके पास शुरुआत में जरूरी सुरक्षा उपकरण तक नहीं थे. खास बात यह भी बताई गई कि उन्हें तैरना नहीं आता था, इसके बावजूद वह नदी में उतरते रहे.

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गल्फ न्यूज ने संघर्ष और सांपों का भी किया जिक्र

'गल्फ न्यूज' ने बिट्टू के अभियान को उनके व्यक्तिगत संघर्ष से जोड़कर पेश किया. रिपोर्ट के मुताबिक, नदी को साफ करने के लिए उन्होंने अपनी बचत तक खर्च कर दी. इस दौरान उन्हें प्रदूषित पानी से संक्रमण जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा. नदी में सफाई के दौरान सांपों का खतरा भी बना रहा.

शुरुआत में उनके कुछ दोस्त इस काम में उनके साथ थे, लेकिन अभियान आगे बढ़ने के साथ बिट्टू ने काफी काम अकेले ही किया. उनके द्वारा नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं और इसी ने उनकी मुहिम को बड़ी पहचान दिलाई.

यह भी पढ़ें: अजनार नदी की सफाई से रातोरात स्टार बने 'बिट्टू तबाही', लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया चौंकाने वाला ट्विस्ट; कमेटी ने बताई अलग कहानी

'ब्रूट' ने उन्हें मध्य प्रदेश का 20 वर्षीय छात्र बताते हुए लिखा कि उन्होंने अजनार नदी को साफ करने के लिए खुद नदी में उतरने का फैसला किया.

'ब्रूट' की रिपोर्ट में उनके नाम 'तबाही' के दिलचस्प अर्थ का भी जिक्र किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके नाम का मतलब विनाश है, लेकिन उनका मिशन इसके उलट प्रदूषण को खत्म करना और नदी को फिर से साफ करना है.

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सोशल मीडिया पोस्ट से मिला विदेशी कंपनी का ऑफर

बिट्टू की मेहनत की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचने के बाद उनकी कहानी नीदरलैंड स्थित पर्यावरण संगठन 'द ओशन क्लीनअप' तक भी पहुंची. संगठन के संस्थापक और सीईओ बोयान स्लाट ने बिट्टू के काम पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'कम वर्क फॉर अस' यानी 'हमारे साथ काम करो'.
 

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