क्या आपने कभी सोचा है कि एक प्लंबर 15 मिनट के काम के लिए 8 हजार रुपये से ज्यादा कमा सकता है? ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक भारतीय युवक का दावा है कि वहां प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और बढ़ई जैसे ट्रेड वर्कर्स को न सिर्फ अच्छी कमाई होती है, बल्कि समाज में उन्हें भरपूर सम्मान भी मिलता है. यही वजह है कि उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
इंस्टाग्राम पर एडी खनेजा नाम के भारतीय युवक ने एक वीडियो शेयर कर बताया कि भारत में अक्सर बच्चों से कहा जाता है कि अगर पढ़ाई नहीं करोगे तो प्लंबर या बढ़ई बन जाओगे. लेकिन ऑस्ट्रेलिया में तस्वीर बिल्कुल अलग है. वहां कई बच्चे बड़े होकर प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन या कारपेंटर बनने का सपना देखते हैं, क्योंकि इन पेशों में अच्छी कमाई और सम्मान दोनों मिलता है.
15 मिनट के काम के लिए 8 हजार रुपये से ज्यादा
वीडियो में एडी बताते हैं कि एक बार उनके घर का लॉक खराब हो गया था. उसे ठीक कराने के लिए उन्होंने एक कारपेंटर को बुलाया. कारपेंटर ने करीब 15 मिनट में काम पूरा किया और इसके लिए 150 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 8 हजार रुपये) फीस ली.
उन्होंने कहा कि भारत में उनके घर के पास रहने वाले एक कारपेंटर की महीनेभर की कमाई शायद इससे भी कम होती होगी. इसी अनुभव के बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब तो लगता है कि मैं अपने बच्चे को डॉक्टर या इंजीनियर नहीं, पहले कारपेंट्री सीखने के लिए कहूंगा.
देखें वीडियो
प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन कितना कमाते हैं?
एडी के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में एक कंस्ट्रक्शन मैनेजर सालाना करीब 2 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 1.13 करोड़ रुपये) तक कमा सकता है. वहीं प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन जैसे ट्रेड प्रोफेशनल भी सालाना 1.2 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 68 लाख रुपये) या उससे ज्यादा की कमाई कर सकते हैं. उनका कहना है कि वहां हाथ से काम करने वाले लोगों को सम्मान की नजर से देखा जाता है.
'भारत में नहीं मिलता इतना सम्मान'
वीडियो में उन्होंने कहा कि भारत में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और बढ़ई जैसे पेशों को अक्सर वह सम्मान नहीं मिलता, जिसके वे हकदार हैं. जबकि ऑस्ट्रेलिया में इन्हें स्किल्ड प्रोफेशन माना जाता है और लोग इनकी सेवाओं की उचित कीमत चुकाते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास ऐसा हुनर हो तो वह ऑस्ट्रेलिया के किसी भी शहर में जाकर काम शुरू कर सकता है. उसे नौकरी के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता.
लोगों ने क्या कहा?
वीडियो पर हजारों लोगों ने अपनी राय दी. एक यूजर ने लिखा कि यह सब लोगों की सोच और हुनर की कीमत पर निर्भर करता है. दूसरे ने कहा कि इसकी सबसे बड़ी वजह आबादी है. वहीं कुछ लोगों ने एडी की बात से सहमति जताई, जबकि कुछ ने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर और ट्रेड वर्कर्स की तुलना करना सही नहीं है, क्योंकि हर पेशे की अपनी अलग भूमिका और करियर ग्रोथ होती है.
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग भारत और ऑस्ट्रेलिया में ट्रेड जॉब्स की स्थिति की तुलना कर रहे हैं.
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