दुनिया में कुछ जगहें ऐसी हैं, जहां कुदरत ने ही इंसानों के लिए 'नो एंट्री' का बोर्ड लगा रखा है. ऐसी ही एक जगह है दक्षिण अमेरिका का अमेजन बेसिन. यहां का कीचड़ 'अथाह' महसूस होता है. यदि कोई इंसान यहां अकेले फंस जाए, तो वह खुद से बाहर नहीं निकल सकता. इसके अलावा, यहां विशाल एनाकोंडा, ब्लैक कैमन (मगरमच्छ की प्रजाति) और जहरीले जीव इंसानों को गायब करने के लिए काफी हैं. यानी, यह ऐसी जगह है, जहां से जिंदा निकलने का चांस बेहद कम है.
एक तरफ इस इलाके की खूबसूरती है, तो दूसरी तरफ जान का खतरा. यहां की मिट्टी में अगर एक बार पांव धंस जाए, तो निकलना नामुमकिन जैसा हो जाता है.
वाइल्डलाइफ मैगजीन 'डिस्कवर वाइल्डलाइफ' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजन के दलदली इलाकों में इंसानों के लिए सबसे बड़ा खतरा गहरा पानी और वह कीचड़ है, जो लगभग 'अथाह' है. यानी, एक बार धंसने के बाद तल का पता ही नहीं चलता. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हर साल करीब 10 लाख लोग अमेजन घूमने आते हैं और उनके लिए सबसे बड़ा प्राकृतिक खतरा जानवरों से ज्यादा यही दलदल और गहरा पानी है.
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इस दलदली इलाके में रहने वाले जीव भी कम खतरनाक नहीं हैं. यहां का सबसे बड़ा शिकारी है ब्लैक कैमन- मगरमच्छ की एक प्रजाति, जो लंबाई में करीब 6 मीटर (20 फीट) तक बढ़ सकता है और वजन में 300 किलोग्राम तक हो सकता है. विकिपीडिया पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, साल 2000 से 2016 के बीच अमेजन बेसिन में ब्लैक कैमन के हमलों से 23 लोगों की मौत दर्ज की गई थी. इनमें ज्यादातर मछुआरे और गांव के लोग शामिल थे, जो नदियों या नालों में नहाने या तैरने गए थे.
यहां पाया जाता है ग्रीन एनाकोंडा
इसके अलावा, यहां दुनिया का सबसे भारी सांप- ग्रीन एनाकोंडा भी पाया जाता है. वेबसाइट 'वर्ल्ड एटलस' के मुताबिक, ग्रीन एनाकोंडा की पुष्टि की गई लंबाई करीब 5.2 मीटर (17 फीट) और वजन 227 किलोग्राम तक दर्ज किया गया है. हालांकि, इससे बड़े सांपों की अपुष्ट रिपोर्ट्स भी सालों से सामने आती रही हैं.
यह सांप जहरीला नहीं होता, बल्कि अपने शिकार को शरीर में जकड़कर दबोच लेता है. हालांकि, इंसानों पर एनाकोंडा के हमले की पुष्ट घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं, लेकिन इसकी ताकत और आकार ही इसे दलदल का एक और खौफनाक चेहरा बना देते हैं.
यानी, अगर कभी अमेजन के इन दलदली इलाकों में जाने का मौका मिले, तो जमीन पर हर कदम बेहद सोच-समझकर रखना पड़ता है. क्योंकि यहां प्रकृति ने ही तय कर दिया है कि यह जगह इंसानों के लिए नहीं है.
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