AI की दौड़ में पति ने छोड़ी परिवार की जिम्मेदारी, पत्नी की कहानी वायरल

एआई की दौड़ अब सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रही. सैन फ्रांसिस्को के एक परिवार की कहानी बता रही है कि कैसे 'एआई नेटिव' बनने की होड़ घर-परिवार और रिश्तों पर भी असर डाल रही है.

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अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से एक ऐसा मामला सामने आया है (Representative Image: Pexels) अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से एक ऐसा मामला सामने आया है (Representative Image: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:49 PM IST

एक वक्त था जब टेक इंडस्ट्री दुनिया में सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाली इंडस्ट्री मानी जाती थी. अच्छी सैलरी, नौकरी की सुरक्षा और तेज ग्रोथ की वजह से लाखों युवाओं ने इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस का रुख किया. 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद करीब दो दशकों तक मेटा, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों में नौकरी मिलना सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित करियर माना जाता था.

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लेकिन वक्त बदला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने पूरी तस्वीर बदलनी शुरू कर दी. पिछले कुछ वर्षों में एआई की वजह से हुई छंटनी ने सिलिकॉन वैली की चमक को फीका कर दिया. अब कर्मचारियों को सिर्फ नौकरी बचाने की नहीं, बल्कि खुद को 'एआई नेटिव' साबित करने की भी चिंता सताने लगी है.

इसी बदलते माहौल के बीच अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है.

आखिर क्या है पूरा मामला?

द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सैन फ्रांसिस्को में रहने वाली 31 वर्षीय एक महिला ने बताया कि उसके पति, जो एक टेक कंपनी में इंजीनियरिंग मैनेजर हैं, ने कुछ महीने पहले उससे एक अनोखी मांग की.उन्होंने पत्नी से कहा कि वह कुछ समय के लिए बच्चों की पूरी जिम्मेदारी संभाल लें, ताकि वह खुद को पूरी तरह 'एआई नेटिव' बनाने पर ध्यान दे सकें.

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महिला ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि इसके बाद उनके पति खुद को कमरे में बंद करके घंटों एआई टूल्स और प्रोजेक्ट्स पर काम करते रहे. इस दौरान बच्चों की परवरिश से लेकर घर की लगभग सारी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर आ गई

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क्या होता है 'एआई नेटिव'?

एआई नेटिव ऐसे कर्मचारी को कहा जाता है, जो अपने पूरे कामकाज को एआई टूल्स के हिसाब से ढाल लेता है. यानी वह सिर्फ कभी-कभार चैटजीपीटी जैसे टूल का इस्तेमाल नहीं करता, बल्कि हर काम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपना मुख्य सहयोगी बना लेता है.आज कई टेक कंपनियां ऐसे कर्मचारियों को ज्यादा महत्व दे रही हैं, जो एआई के साथ तेजी से काम करना जानते हों.

आखिर मेहनत का क्या नतीजा निकला?

महिला के मुताबिक, कई महीनों की मेहनत के बाद उनके पति ने उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि अब वह अपनी कंपनी में एआई का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाले कर्मचारी बन गए हैं.हालांकि, इस उपलब्धि के साथ एक सवाल भी खड़ा हो गया कि क्या करियर की दौड़ में परिवार पीछे छूटता जा रहा है?

एआई की दौड़ और बढ़ता दबाव

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द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि टेक कंपनियां भले ही अच्छा प्रदर्शन कर रही हों, लेकिन कर्मचारियों के भीतर भविष्य को लेकर असुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. कई लोगों को डर है कि अगर उन्होंने समय रहते खुद को एआई के मुताबिक नहीं बदला, तो वे पीछे छूट सकते हैं.यही वजह है कि अब बहस सिर्फ नई तकनीक की नहीं, बल्कि इस सवाल की भी है कि क्या करियर में आगे बढ़ने की कीमत परिवार और निजी जिंदगी से चुकाई जानी चाहिए?

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