Attari-Wagah Border Trip: स्वतंत्रता दिवस भारत की आजादी का दिन है और हर साल 15 अगस्त को सेलिब्रेट किया जाता है. इस दिन पूरा देश देशभक्ति के रंग में डूबा नजर आता है. अगर इस बार दिल्ली से कुछ अलग और यादगार तरीके से आजादी का जश्न मनाना चाहते हैं, तो अमृतसर के अटारी-वाघा बॉर्डर की ट्रिप आपके लिए बेस्ट हो सकती है. यहां होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का माहौल आपको देशभक्ति के जोश को सौ गुना कर देता है.
तिरंगे की शान, जवानों की जोशीली परेड और भारत माता के जयकारों के बीच आपको अटारी-वाघा बॉर्डर पर स्वतंत्रता दिवस मनाने का अनुभव लंबे समय तक याद रहेगा. अगर भी इस 15 अगस्त वहां जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले यह कुछ जरूरी बातें जान लें. दिल्ली से अटारी-वाघा बॉर्डर जाने से जुड़ी हर जानकारी इस आर्टिकल में आपको मिलेगी.
दिल्ली से कैसे पहुंचें अटारी-वाघा बॉर्डर?
सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि दिल्ली से अमृतसर की दूरी करीब 450 किलोमीटर है. ट्रेन से जाना सबसे सुविधाजनक माना जाता है.दिल्ली से अमृतसर के लिए कई ट्रेनें चलती हैं, जिनसे आप रात में सफर करके सुबह अमृतसर पहुंच सकते हैं. इसके अलावा फ्लाइट और बस से भी अमृतसर पहुंचा जा सकता है.
अमृतसर पहुंचने के बाद अटारी-वाघा बॉर्डर सड़क मार्ग से करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर है. आप टैक्सी या कैब से बॉर्डर तक पहुंच सकते हैं.15 अगस्त के आसपास भीड़ ज्यादा होने की संभावना रहती है, इसलिए ट्रेवल के लिए समय का ध्यान रखें.
रिट्रीट सेरेमनी जरूर देखें
अटारी-वाघा बॉर्डर की सबसे खास पहचान यहां होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी है. भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों की शानदार परेड, ऊंची कदमताल और जोश से भरा माहौल देखने लायक होता है.स्वतंत्रता दिवस के आसपास यहां देशभक्ति का उत्साह और भी खास महसूस होता है.
सेरेमनी में शामिल होने के लिए समय से पहले पहुंचना बेहतर रहेगा, क्योंकि 15 अगस्त के मौके पर बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं. एंट्री और कार्यक्रम से जुड़े नियमों की यात्रा से पहले आधिकारिक सोर्स से पुष्टि जरूर करें.
अटारी-वाघा बॉर्डर पर होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को देखने के लिए कोई टिकट फीस नहीं लगता है, यह पूरी तरह से फ्री है. हालांकि, वहां बैठने के लिए सीट सुनिश्चित करने और लंबी लाइनों से बचने के लिए आपको बीएसएफ (BSF) के आधिकारिक पोर्टल या ऐप से डिजिटल पास (ऑनलाइन बुकिंग) लेना होता है.
24 घंटे में ऐसे बनाएं ट्रिप प्लान
अगर आपके पास सिर्फ एक दिन है तो सुबह अमृतसर पहुंचकर सबसे पहले सुबह श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन कर सकते हैं. इसके बाद जलियांवाला बाग घूमने जाएं और फिर दोपहर के बाद अटारी-वाघा बॉर्डर के लिए निकलें. रिट्रीट सेरेमनी देखने के बाद वापस अमृतसर लौटकर रात की ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं.
खाना न भूलें अमृतसरी का जायकेदार खाना
इस दौरान अमृतसरी छोले-कुलचे, लस्सी और स्थानीय पंजाबी खाने का स्वाद लेना न भूलें.15 अगस्त पर अटारी-वाघा बॉर्डर की यात्रा सिर्फ घूमने-फिरने का मौका नहीं, बल्कि देश के वीर जवानों और तिरंगे के प्रति सम्मान महसूस करने वाला यादगार अनुभव भी बन सकती है.
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