साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला केस सामने आया है, जहां विक्टिम को बड़ी चालाकी से शिकार बनाया और उनके बैंक खाते से रुपये उड़ा लिए हैं. यह केस दिल्ली के सरिता विहार में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला के साथ हुआ है.
विक्टिम महिला को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट रखा और उस दौरान उनके साथ 78 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है. विक्टिम को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा है. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
डिजिटल अरेस्ट की शुरुआत एक अनजान नंबर से आने वाली कॉल के साथ हुई. यह कॉल 24 अगस्त को रिसीव हुई. इसके बाद कॉलर महिला को बताया कि उनका नाम एक मनी लाउंड्रिंग केस में है. साथ ही महिला को बताया कि जाने-माने नाम भी इसमें शामिल हैं. इसकी जानकारी किसी को ना दें.
हर घंटे में कॉल करने को कहा
पुलिस शिकायत में महिला ने बताया है कि साइबर ठगों ने उनकी सर्विलांसिंग की और उनसे कहा था कि हर एक घंटे के बाद जांच अधिकारियों को कॉल करके जानकारी दें. इसके बाद बुजुर्ग महिला से कहा कि वे अपना स्मार्टफोन ऑन करके रखें.
यह भी पढ़ें: पुराना स्मार्टफोन करेगा 8,000 रुपये वाले डिवाइस का काम! ऐसे करें इस्तेमाल
महिला से ऐसे मांगे लाखों रुपये
साइबर ठगी का केस चलता रहा है, जिसमें साइबर ठग विक्टिम महिला को दिशा-निर्देश देते रहे. इसके बाद महिला से 27 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा. ऐसे करके महिला ने ठगों के कहने पर रुपये ट्रांसफर कर दिए.
साइबर ठगी का खुलासा तब हुआ जब महिला की बेटी को एक इमेल नोटिफिकेशन रिसीव हुआ, जिसमें 27 लाख रुपये की कटौती मेंशन की थी.
इसके बाद उनके दामाद ने एक-एक महिला के घर पर विजिट किया, जिसके बाद साइबर ठगी का खुलासा हुआ. इसके बाद पुलिस में कंप्लेंट दर्ज कराई. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है.
यह भी पढ़ें: ना QR कोड स्कैनिंग, ना स्मार्टफोन, चीन में कमाल है पेमेंट का तरीका, खून की नसें होती हैं स्कैन
डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें?
साइबर ठगी के इरादे से किए जाने वाले डिजिटल अरेस्ट से बचाव के लिए जरूरी है कि जागरुक रहें. किसी भी अनजान नंबर्स से आने वाली कॉल पर आंख बंद करके यकीन ना करें.
अगर कोई डिजिटल या वर्चुअल जांच का हवाला देता है, तो सलाह देते हैं कि इसके लिए करीबी पुलिस स्टेशन पर जाकर संपर्क करें. साथ ही फोन कॉल डिटेल्स आदि के बारे में बताएं.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क