चीन ने खोली नई ह्यूमनॉइड फैक्ट्री, हर 1 घंटे में बनते हैं 6 नए रोबोट

चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट्स के प्रोडक्शन को नई रफ्तार दी है. UBTECH की नई फैक्ट्री में रोबोट्स खुद दूसरे रोबोट्स को बनाने में मदद कर रहे हैं. कंपनी के मुताबिक, यहां करीब हर 10 मिनट में एक नया रोबोट तैयार हो सकता है. फैक्ट्री में Walker S और Cruzr सीरीज के रोबोट्स का प्रोडक्शन किया जा रहा है और सालाना 10,000 रोबोट्स बनाने की क्षमता है.

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फैक्ट्री में रोबोट्स खुद तैयार कर रहे हैं नए रोबोट. (Photo:AI) फैक्ट्री में रोबोट्स खुद तैयार कर रहे हैं नए रोबोट. (Photo:AI)

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:02 PM IST

बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स इंडस्ट्री में अब ऐसा भी समय देखने को मिल रहा है, जहां रोबोट ही रोबोट्स को बना रहे हैं. सुनने में ये किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है, लेकिन अब ये सच में हो रहा है. चीन की कंपनी UBTECH Robotics ने एक नई फैक्ट्री खोली है, जिसे रोबोट्स को बड़े स्केल पर प्रोड्यूस करने के लिए डिजाइन किया गया है.

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इस ह्यूमनॉइड फैक्ट्री का सेटअप लिउझोउ, गुआंग्शी झुआंग ऑटोनॉमस रीजन में किया गया है. इस फैसिलिटी में रोबोट्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के दौरान पार्ट्स को हैंडल करते हैं, जिसकी वजह से काम तेजी से हो पाता है और करीब 10 मिनट में एक नया रोबोट बनकर तैयार हो जाता है.

कंपनी के मुताबिक, उनकी नई फैक्ट्री एक साल में 10,000 रोबोट्स बना सकती है. फैक्ट्री के साइज की बात करें तो यह करीब 14,000 स्क्वायर मीटर में फैली है. यहां सबसे ज्यादा प्रोडक्शन UBTECH के Walker S और Cruzr सीरीज के इंडस्ट्रियल ह्यूमनॉइड रोबोट्स का होता है. आइए जानते हैं कि इतनी तेजी से रोबोट्स कैसे तैयार किए जा रहे हैं और ये फैक्ट्री कैसे काम करती है.

जानिए कैसे काम करती है फैक्ट्री

इस फैक्ट्री को UBTECH और Siemens Digital Industries Software ने मिलकर तैयार किया है. इसके ऑपरेशंस को कंपनी के नए सिस्टम से चलाया जाता है, जिसे Smart Brain कहा जाता है. कंपनी के मुताबिक, यह टेक्नोलॉजी खुद तय करती है कि किस चीज को बनाने की जरूरत है. इसके साथ ही मूविंग पार्ट्स और क्वालिटी चेक का काम भी किया जाता है, ताकि रोबोट का प्रोडक्शन पूरा हो सके.

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हर रोबोट जो इस प्रोसेस से निकलता है, उसे एक यूनिक सीरियल नंबर मिलता है. इसकी मदद से बाद में भी रोबोट के पूरे बनने के प्रोसेस को ट्रैक और चेक किया जा सकता है.

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जानिए कौन से रोबोट्स करते हैं कौन सा काम

UBTECH के मुताबिक, Cruzr Y1 और Cruzr S2 रोबोट्स का इस्तेमाल मटेरियल को अनलोड करने, रखने और लोड करके प्रोडक्शन लाइन तक पहुंचाने के लिए किया जाता है. ये रोबोट दूसरे रोबोट्स की मदद से पार्ट्स बनाने का काम भी करते हैं, जिनकी मदद से नए रोबोट्स तैयार किए जाते हैं.

जानिए कैसे होता है रोबोट्स का हेल्थ चेकअप

रोबोट्स तैयार होने के बाद सीधे फैक्ट्री से बाहर नहीं निकलते हैं. इन्हें पहले कई तरह के हेल्थ चेकअप से गुजरना होता है. इसके बाद सभी रोबोट्स पर 4 घंटे की टेस्टिंग की जाती है. इसके बाद उन्हें 360-डिग्री विजुअल इंस्पेक्शन के लिए रखा जाता है, जहां रोबोट के हर हिस्से को चेक किया जाता है. इसके बाद ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि रोबोट पूरी तरह तैयार है.

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फैक्ट्री का एस्टैब्लिशमेंट ऐसे समय में सामने आया है, जब चीन अपनी रोबोटिक्स इंडस्ट्री को काफी तेजी से बढ़ा रहा है. अब रोबोट सिर्फ रिसर्च लैब्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि असली दुनिया में भी इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है. चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, देश ने 98,677 इंडस्ट्रियल रोबोट्स तैयार किए हैं. यह दिखाता है कि आने वाले समय में रोबोट्स का इस्तेमाल और बड़े स्तर पर किया जा सकता है.
 

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