AI की एक गलती से छिड़ सकता था चीन-अमेरिका युद्ध! गलत रिपोर्ट से हमले की तैयारी में थी US आर्मी

AI पर निर्भरता कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, उसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है. लेटेस्ट रिपोर्ट में पता चला कि अमेरिकी सेना की एक गलत रिपोर्ट की वजह से चीन के साथ उनका युद्ध छिड़ सकता था, जो समय रहते रोक लिया गया. आइए जानते हैं कैसे?

Advertisement
AI चैटबॉट ने अमेरिका सेना को गलत रिपोर्ट शेयर की थी. (Photo: Unsplash) AI चैटबॉट ने अमेरिका सेना को गलत रिपोर्ट शेयर की थी. (Photo: Unsplash)

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:54 AM IST

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल कई सेक्टर में हो रहा है, जिसमें सेना का भी नाम शामिल है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि AI की एक गलती की वजह से अमेरिका और चीन के बीच युद्ध छिड़ सकता था. दरअसल, ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच एक खुफिया रिपोर्ट तेजी से सर्कुलेट हुई थी. 

सीएनएन की रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान युद्ध के दौरान मध्य पूर्व में मौजूद एक चीनी जहाज परमाणु हथियार प्रोग्राम से संबंधित सामान लेकर जा रहा है, जो जानकारी गलत थी.  

Advertisement

रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिकी सेना ने चीनी जहाज को रोकने की योजना बनाई थी. साथ ही हथियारबंद जवान जहाज पर चढ़ने की तैयारी में थे और अमेरिका सेना का विमान भी हवा में था. 

AI की मदद से रिपोर्ट तैयार की थी 

एक्शन लेने से पहले अमेरिकी अधिकारियों ने रिपोर्ट की गहराई से जांच की, जिसके बाद पता चला कि यह रिपोर्ट स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड के एक विश्लेषक ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की मदद से तैयार की थी. 

AI ने गलत सामान की पहचान कर ली थी 

AI ने जहाज में मौजूद सामान की गलत पहचान कर ली थी, जिसके बाद कार्रवाई को तुरंत रोका गया. हालांकि रिपोर्ट्स में यह नहीं बताया है कि वास्तव में जहाज के अंदर क्या सामान था. 

फिर पता चला कि वह रिपोर्ट पूरी तरह से गलत थी. अगर अमेरिकी चीनी जहाज के खिलाफ एक्शन लेता तो दोनों देशों के बीच सैन्य युद्ध में तब्दील हो सकता था. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: ना QR कोड स्कैनिंग, ना स्मार्टफोन, चीन में कमाल है पेमेंट का तरीका, खून की नसें होती हैं स्कैन

यह घटना युद्ध के दौरान टारगेट तय करने में नए जोखिम सामने ला सकती है. अमेरिका द्वारा चीनी जहाज के सामान को पहचाने में भी यह गलती सामने आई है. एक्सपर्ट भी सलाह दे चुके हैं कि AI पर पूरी तरह से निर्भरता सही नहीं है. 

एक्सपर्ट लंबे समय से सलाह दे रहे हैं कि अगर कोई देश गलत या खराब डेटा पर AI की मदद से निर्भर होते हैं तो वह कई गंभीर फैसलों में गलत सलाह दे सकता है. 

अमेरकी सेना में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा 

रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी अपने काम में AI का काफी इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही सेना द्वारा जुटाई गई जानकारी को एनालाइज करने के लिए भी AI का इस्तेमाल किया जा रहा है. हमले का लक्ष्य चुनने से लेकर बजट, लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे कामों में भी AI का इस्तेमाल बढ़ा है. 

यह भी पढ़ें: AI की वजह से आसमान छू रही फोन की कीमतें, थोड़ा रुकें...फोन इस महीने में मिलेंगे सस्ते

चैटबॉट ने खुफिया जानकारी को गलत तरीके से जोड़ा है 

Advertisement

इस मामले में एक्सपर्ट ने हवाई स्थित US स्पेशल ऑपरेशन कमांड पेसिफिक से मिली जहाज की मैनफेस्ट संबंधी खुफिया जानकारी को लेकर चैटबॉट से सवाल किया है. हालांकि चैटबॉट को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. यूएस स्पेशल ऑपरेशन कमांड पेसेफिक और पेंटागन ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है. 

अमेरिका AI पर निर्भरता क्यों बढ़ा रही है?  

अमेरिका सेना AI को इसलिए तेजी से फॉलो कर रही हैं ताकि युद्ध के मैदान में वे तेजी से फैसले ले सकें. अमेरिका सेना का मानना है कि युद्ध के मैदान में टारगेट करने में और सैन्य संसाधन आदि को कहां भेजना है, जैसे फैसलों में मदद कर सकता है. 

AI हैलुसिनेशन बड़ा खतरा 

AI की वजह से इंसान गलत और भ्रामक फैसले तक पहुंच सकते हैं. चीन के जहाज वाली घटना सबसे ताजा उदाहरण है. AI पर निर्भरता कई लोगों के लिए जानलेवा तक साबित हो सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »