'आप अंदाजा लगा सकते हैं, किसने...', भारत में स्टारलिंक की एंट्री रुकने पर भड़के मस्क

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी में स्टारलिंक पहले से ज्यादा आगे है, लेकिन नियामकीय मंजूरियों के अभाव में उसका नेटवर्क अभी चालू नहीं हुआ है. एलन मस्क ने एक्स पर अनाम भारतीय ओलिगार्क पर आरोप लगाया कि वे टेलीकॉम बाजार में अपना एकाधिकार बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को रोक रहे हैं.

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भारत में स्टारलिंक की एंट्री अटकी है जिसे लेकर एलन मस्क भड़क उठे हैं (Photo: Reuters) भारत में स्टारलिंक की एंट्री अटकी है जिसे लेकर एलन मस्क भड़क उठे हैं (Photo: Reuters)

रोहित शर्मा

  • वाशिंगटन, अमेरिका,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:50 PM IST

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए स्पेसएक्स की कंपनी स्टारलिंक पहले से कहीं ज्यादा करीब पहुंच चुकी है, लेकिन कुछ नियामकीय अड़चनों की वजह से उसका नेटवर्क अभी चालू नहीं हो पाया है. इसी देरी से नाराज स्पेसएक्स और स्टारलिंक के संस्थापक एलन मस्क ने एक्स पर पोस्ट कर कुछ अनाम भारतीय "ओलिगार्क" पर आरोप लगाया है कि वे टेलीकॉम बाजार पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को रोक रहे हैं. भारत सरकार तीन सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनियों को लाइसेंस दे चुकी है, जिनमें स्टारलिंक भी शामिल है, फिर भी उसे कमर्शियल सेवा शुरू करने के लिए आखिरी मंजूरियों का इंतजार है.

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मस्क ने यह बात एक ऐसी पोस्ट के जवाब में कही, जिसमें कहा गया था कि जहां पारंपरिक टेलीकॉम ढांचा खड़ा करना मुश्किल है, वहां तेज इंटरनेट पहुंचाने के लिए भारत को स्टारलिंक की जरूरत है. मस्क ने लिखा, "दुर्भाग्य से हमें कुछ ओलिगार्क रोक रहे हैं, ताकि भारतीय लोगों पर उनका एकाधिकार वाला शिकंजा बना रहे. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं." उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह भारत के लोगों के खिलाफ अपराध है.

यह जरूरत इसलिए भी बताई जा रही है कि भारत सालों से दूरदराज के इलाकों में भरोसेमंद इंटरनेट पहुंचाने की समस्या से जूझ रहा है. मस्क ने जिस पोस्ट का जवाब दिया, उसमें दिए आंकड़ों के अनुसार मई 2026 तक देश के 11,256 सूचीबद्ध गांवों में 4G कवरेज नहीं थी.

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मार्च 2026 में भारत में इंटरनेट कनेक्शन की संख्या 1.093 अरब थी, लेकिन यह बंटवारा बराबर नहीं है. ग्रामीण भारत में 44.087 करोड़ कनेक्शन थे और वहां हर 100 लोगों पर 48.31 कनेक्शन थे. शहरी इलाकों में यह आंकड़ा 126.80 प्रति 100 लोग रहा, जो काफी ज्यादा है.

स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में बताया कि कंपनी ने भारत के लिए खास सुरक्षा नियंत्रण बनाए हैं और देश में 20 गेटवे साइट तैयार की हैं, जिनमें सैकड़ों एंटीना लगे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय यूजर्स का डेटा भारत में ही रहता है. कंपनी पांच साल से भारतीय नियामकों, उद्योग से जुड़े पक्षों और टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ काम कर रही है. ड्रेयर ने कहा कि निवेश हो चुका है और कंपनी सेवा देने को तैयार है. उन्होंने भारत की डिजिटल तरक्की को असाधारण बताया.

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