भारतीय बैडमिंटन की क्वीन पीवी सिंधु ने इतिहास रचते हुए जापान ओपन 2026 की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली है. टोक्यो में खेले गए खिताबी मुकाबले में सिंधु ने दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे गेमों में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. इस धमाकेदार जीत के साथ ही सिंधु ने अपने करियर का पहला BWF सुपर 750 खिताब जीतकर एक बार फिर शान से भारत का तिरंगा लहराया है.
जीत के बाद फूट-फूट कर रोईं पीवी सिंधु
जापान ओपन के फाइनल में पीवी सिंधु ने घरेलू स्टार अकाने यामागूची को सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से शिकस्त दी. जैसे ही यामागूची का आखिरी शॉट कोर्ट से बाहर गिरा, सिंधु कोर्ट पर घुटनों के बल बैठ गईं. इसके साथ ही वहीं चेहरे को हाथों से ढककर फूट-फूटकर रोने लगीं. पीवी सिंधु की आंखों से निकलने वाले आंसू यह बताने के लिए काफी है कि यह जीत उनके लिए कितना मायने रखता है.
'लोग पूछ रहे थे, क्या सब खत्म हो गया?'
जीत के बाद पीवी सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ (BWF) से बात करते हुए कहा कि मेरी आंखों में आंसू थे क्योंकि यह जीत मेरे लिए बेहद जरूरी थी. मैं खुद पर बहुत कड़ी मेहनत कर रही थी. बहुत से लोग पूछ रहे थे- क्या हो रहा है? क्या करियर खत्म हो गया? लेकिन मुझे खुद पर अपने परिवार और कोचों पर पूरा भरोसा था. इस जीत का श्रेय उन्होंने अपने कोच, माता-पिता और पति को दिया.
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साल 2019 के बाद हुआ ये करिश्मा
लंबे समय से पीवी सिंधु की झोली में कोई बड़ी ट्रॉफी नहीं आई थी. साल 2019 के बाद पहली बार उन्होंने कोई सुपर 750 स्तर का टूर्नामेंट जीता है. उन्होंने कहा कि फाइनल खेलना एक बात है, लेकिन पोडियम पर खड़े होकर गोल्ड जीतना बिल्कुल अलग अहसास है. इससे मेरा आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया है. इस जीत के साथ ही सिंधु अब दुनिया की नंबर 7 खिलाड़ी बनने के बेहद करीब पहुंच गई हैं. अगले महीने दिल्ली में वर्ल्ड चैम्पियनशिप होनी है. ऐसे में सिंधु अपनी इस फॉर्म को आगे भी बरकरार रखना चाहेगी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क