चेन्नई को देश के बड़े खेल केंद्र में बदलने वाली योजना को बड़ा झटका लगा है. तमिलनाडु सरकार ने प्रस्तावित ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण का ₹205.89 करोड़ का ठेका रद्द कर दिया है. हालांकि, योजना को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है. सरकार अब इसके आकार और डिजाइन में बदलाव के साथ इसे नए सिरे से तैयार करेगी, ताकि यहां खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के साथ-साथ बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी भी की जा सके.
अभिनेता से नेता बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अगुवाई वाली टीवीके सरकार ने यह फैसला लिया है. गौर करने वाली बात है कि ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी का यह प्रोजेक्ट पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था और इसी साल इसकी नींव रखी गई थी. अब विजय सरकार ने इसके मौजूदा डिजाइन और आकार को बदलकर नए सिरे से विकसित करने का फैसला किया है.
₹2,000 करोड़ से ज्यादा कीमत वाली जमीन पर बनना था स्पोर्ट्स सिटी
प्रस्तावित ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी चेन्नई के सेम्मनचेरी में ऐसी जमीन पर बनाई जानी थी, जिसकी कीमत ₹2,000 करोड़ से ज्यादा बताई गई है. यह जमीन पिछली डीएमके सरकार के दौरान लंबी कानूनी लड़ाई के बाद जेप्पियार एजुकेशनल ट्रस्ट से वापस हासिल की गई थी.
इस स्पोर्ट्स सिटी की परिकल्पना विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधा के तौर पर की गई थी. साथ ही, यहां बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की क्षमता विकसित करने की भी योजना थी.
क्यों रद्द हुआ ₹205.89 करोड़ का ठेका?
तमिलनाडु की खेल विकास प्राधिकरण यानी एसडीएटी ने ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण का ठेका आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दिया था. 18 फरवरी को दिए गए इस ठेके की कुल कीमत जीएसटी समेत ₹205.89 करोड़ थी. इसमें परियोजना के डिजाइन, इंजीनियरिंग, सामान की खरीद और निर्माण का काम शामिल था.
ठेका मिलने के बाद कंपनी ने प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया था और इस पर खर्च भी किया था. लेकिन बाद में सरकार ने स्पोर्ट्स सिटी के आकार और डिजाइन पर नए सिरे से विचार किया.
16 जून को लोक निर्माण और खेल विकास विभाग के मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रोजेक्ट के लिए उपलब्ध कुल जमीन और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा की गई. इसके बाद सरकार ने तय किया कि स्पोर्ट्स सिटी को नए तरीके से तैयार किया जाए, ताकि यहां भविष्य में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की जा सके. इसमें एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजन भी शामिल हैं.
इस बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी एसडीएटी ने आरपीपी इंफ्रा को 18 जून को ही दे दी थी. इसके बाद कंपनी को निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया गया.
31 जुलाई को खत्म हुआ मौजूदा काम का आदेश
एसडीएटी ने आखिरकार 31 जुलाई के आदेश के जरिए मौजूदा काम का आदेश रद्द कर दिया. कंपनी ने 27 अगस्त को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसे एसडीएटी की ओर से 12 अगस्त को ठेका खत्म किए जाने की सूचना मिली थी.
आरपीपी इंफ्रा ने कहा है कि ठेका खत्म होने के बाद कंपनी इस फैसले के आर्थिक असर का आकलन कर रही है. साथ ही, वह अनुबंध के तहत अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की भी समीक्षा कर रही है.
एसडीएटी के समाप्ति आदेश में कहा गया है कि ठेका रद्द करने का फैसला अनुबंध की उन धाराओं के तहत लिया गया, जो काम को रद्द या कम करने, अनुबंध खत्म करने और अप्रत्याशित परिस्थितियों से संबंधित हैं.
प्रोजेक्ट खत्म नहीं, बदलेगा पूरा प्लान
सरकार के फैसले का मतलब यह नहीं है कि चेन्नई की ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी योजना पूरी तरह खत्म हो गई है. सरकार अब इसे नए आकार और डिजाइन के साथ विकसित करने की तैयारी में है.
नए प्लान में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ बड़े खेल आयोजनों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा. यानी चेन्नई में सिर्फ एक विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र बनाने के बजाय ऐसा बड़ा खेल परिसर तैयार करने की कोशिश होगी, जो एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम हो.
अब सरकार के सामने नए डिजाइन और विस्तारित जरूरतों के मुताबिक इस महत्वाकांक्षी योजना को दोबारा तैयार करने की चुनौती है. वहीं, आरपीपी इंफ्रा के सामने ठेका रद्द होने से हुए आर्थिक असर और अनुबंध के तहत अपने अधिकारों को लेकर आगे की कार्रवाई का सवाल है.
अनघा