भारत और पाकिस्तान के खेल के मैदान पर एक नया बवंडर खड़ा हो गया है! इस साल 27 अक्टूबर से भारत में एशियन हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी खेली जानी है, लेकिन पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने साफ कह दिया है कि वे या तो टूर्नामेंट को भारत से बाहर शिफ्ट करें या फिर पाकिस्तान के सभी मैच किसी न्यूट्रल वेन्यू पर करवाएं.
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी का कहना है कि दोनों देशों के बीच के मौजूदा हालात और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
ऐसा करने से खिलाड़ियों और स्टाफ को सुरक्षित माहौल मिल सके. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे खेल को राजनीति से दूर रखते हुए भारत समेत सभी टीमों के खिलाफ खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले ही साफ कर चुके हैं कि मल्टीनेशनल टूर्नामेंटों में कोई दिक्कत नहीं है और पाकिस्तान की टीम यहां खेल सकती है.
भारत की पॉलिसी के मुताबिक पाकिस्तान के साथ बायलैटरल सीरीज खेलना मना है, लेकिन ओलंपिक चार्टर के नियमों के तहत बहुपक्षीय टूर्नामेंटों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के भारत आने पर कोई रोक नहीं है.
हॉकी इंडिया का बयान
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा है कि दोनों देशों की हॉकी फेडरेशन के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं और खिलाड़ी भी एक-दूसरे का पूरा सम्मान करते हैं. पिछले कुछ सालों में यह तीसरा मौका है जब पाकिस्तान का भारत में होने वाले टूर्नामेंट से नाम कटने की नौबत आई है.
इससे पहले वे पिछले साल बिहार में हुई एशिया कप और तमिलनाडु में हुए जूनियर मेंस हॉकी वर्ल्ड कप से भी हट चुके हैं. अगर इस बार भी बात नहीं बनी, तो ओमान या बांग्लादेश जैसी रिजर्व टीमों को मौका मिल सकता है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क