FIFA World Cup 2026: साउथ अफ्रीका को हरा कनाडा प्री-क्वार्टर फाइनल में, यूस्ताकियो बने जीत के हीरो

साउथ अफ्रीका का शानदार अभियान यहीं समाप्त हो गया. गोलकीपर रोनवेन विलियम्स ने पूरे मैच में पांच शानदार बचाव किए, लेकिन इंजरी टाइम में हुई एक छोटी सी चूक उनकी टीम पर भारी पड़ गई.

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कनाडा ने साउथ अफ्रीका को नॉकआउट किया. (Photo: Reuters) कनाडा ने साउथ अफ्रीका को नॉकआउट किया. (Photo: Reuters)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • लॉस एंजेलिस,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:07 PM IST

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसका इंतजार उसके फुटबॉल प्रशंसक दशकों से कर रहे थे. इंजरी टाइम में स्टीफन यूस्ताकियो के ऐतिहासिक गोल की बदौलत कनाडा ने साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. पहली बार विश्व कप के किसी नॉकआउट मुकाबले में कनाडा को जीत मिली है.

लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने पूरे 90 मिनट तक एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी. कनाडा लगातार हमले करता रहा, लेकिन साउथ अफ्रीका के गोलकीपर रोनवेन विलियम्स और मजबूत डिफेंस ने हर बार उसे रोक दिया. ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अतिरिक्त समय में जाएगा, लेकिन 90+2वें मिनट में सब कुछ बदल गया.

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एलिस्टेयर जॉनस्टन की लंबी गेंद को साउथ अफ्रीकी डिफेंडर सही तरीके से क्लियर नहीं कर सके. गेंद सीधे स्टीफन यूस्ताकियो के पास पहुंची. उन्होंने बेहतरीन नियंत्रण दिखाते हुए गेंद को उछलने दिया और फिर दमदार वॉली लगाकर निचले कॉर्नर में गोल दाग दिया. गोल होते ही पूरा स्टेडियम खुशी से झूम उठा और कनाडाई खिलाड़ी बेंच की ओर दौड़ पड़े.

कनाडा के कोच हुए भावुक
मैच खत्म होने के बाद कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श खुद को भावुक होने से नहीं रोक पाए. उन्होंने मैदान पर ही खिलाड़ियों को घेरकर जो भाषण दिया, उसने हर किसी का दिल जीत लिया. मार्श ने कहा, 'आज आप सभी कनाडा के हीरो हैं. आने वाली पीढ़ियां आपको याद रखेंगीय. इस देश में फुटबॉल का भविष्य अब पहले से कहीं ज्यादा उज्ज्वल है. आपने आखिरी पल तक विश्वास नहीं खोया और हर मिनट, हर पल लड़ते रहे. आप सभी को खुद पर गर्व होना चाहिए.'

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जेसी मार्श ने कहा कि यह जीत सिर्फ एक मैच जीतने भर की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे देश में फुटबॉल को नई पहचान देने वाली उपलब्धि है. मार्श कहते हैं, 'अगर हम पहले मिले मौके भुना लेते तो मैच आसान हो सकता था, लेकिन आखिरी मिनट में मिली यह जीत पूरे कनाडा को प्रेरित करेगी. इसका असर आने वाले वर्षों तक दिखाई देगा.'

मैच के हीरो स्टीफन यूस्ताकियो ने कहा, 'टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका एकजुट रहना है. हमने इस जीत के लिए कड़ी मेहनत की है. हम सिर्फ टीम नहीं, बल्कि भाइयों की तरह हैं. जब हम एक-दूसरे के लिए खेलते हैं, तब ऐसे ही खास पल जन्म लेते हैं. मैं बेहद खुश हूं, लेकिन हमारा मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है.'

कनाडा के लिए एक और अच्छी खबर स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस की वापसी रही. हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण ग्रुप स्टेज से बाहर रहे डेविस 75वें मिनट में मैदान पर उतरे. आते ही उन्होंने शानदार पास देकर प्रॉमिस डेविड के लिए गोल का बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन वह चूक गए. हालांकि इंजरी टाइम में यूस्ताकियो ने वह कर दिखाया, जिसका पूरे देश को इंतजार था.

विश्व रैंकिंग में 30वें स्थान पर मौजूद कनाडा अब राउंड ऑफ 16 में नीदरलैंड्स और मोरक्को के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से भिड़ेगा, जेसी मार्श की टीम का अगला लक्ष्य पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का होगा. उधर साउथ अफ्रीकी कोच ह्यूगो ब्रूस ने हार के बावजूद खिलाड़ियों के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि टीम ने अपनी क्षमता के मुताबिक पूरा संघर्ष किया.

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