भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर जमकर तनातनी हुई थी. यशस्वी के आउट होने के बाद दोनों आमने-सामने आ गए थे. अब विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने बताया है कि आखिर उस वक्त हुआ क्या था.
यह मुकाबला 23 अगस्त से 27 अगस्त के बीच हुआ था, जो ड्रॉ पर छूटा था. भारत ने पहले खेलकर 503/9 रन बनाकर पारी घोषित की थी. वहीं श्रीलंका ने पहले 290 रन बनाए और बाद में 429/9 रन बनाकर पारी घोषित की थी. चूंकि भारतीय टीम गॉल में खेला गया पहला टेस्ट 165 रनों से जीती थी, ऐसे में भारतीय टीम ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी.
'वो लगातार गालियां दे रहा था...'
अब ध्रुव जुरेल ने आकाश चोपड़ा से बातचीत में कहा कि आउट होने के बाद यशस्वी चुपचाप ड्रेसिंग रूम की ओर जा रहे थे. उन्होंने कुछ नहीं कहा था. तभी उन्होंने अचानक पीछे मुड़कर फर्नांडो की तरफ देखा.
जुरेल के मुताबिक, यशस्वी ने उन्हें बताया था कि श्रीलंकाई गेंदबाज उन्हें लगातार गालियां दे रहा था. जुरेल ने कहा- जब वह आउट हुआ तो चुपचाप ड्रेसिंग रूम की तरफ जा रहा था. उसने कुछ नहीं कहा. अगर आप फुटेज देखें तो यशस्वी तुरंत पीछे मुड़ गया. श्रीलंकाई तेज गेंदबाज उसे गालियां दे रहा था.
इसके बाद दोनों के बीच मामला इतना बढ़ गया कि यशस्वी और फर्नांडो लगभग आमने-सामने आ गए. श्रीलंकाई फील्डर्स ने दोनों को अलग किया और यशस्वी ड्रेसिंग रूम लौट गए.
यशस्वी के बारे में ध्रुव जुरेल ने क्या कहा?
जुरेल और यशस्वी IPL में राजस्थान रॉयल्स के साथी भी हैं. उन्होंने बताया कि यशस्वी खुद कभी किसी के खिलाफ स्लेजिंग (Sledging) की शुरुआत नहीं करते, लेकिन अगर कोई उन्हें उकसाता है तो वह जवाब जरूर देते हैं.
जब आकाश चोपड़ा ने पूछा कि यशस्वी काफी 'उत्साही' खिलाड़ी हैं और सामने से कुछ मिले तो उसका जवाब देते हैं? इस पर जुरेल ने कहा- 100 फीसदी. वह कभी इसकी शुरुआत नहीं करता. मैंने उसे ऐसा करते कभी नहीं देखा. वह हमेशा अपनी बल्लेबाजी के बारे में सोचता रहता है. लेकिन अगर आप हमें उकसाएंगे तो हम भी जवाब देंगे.
दोनों पर लगा था 25 फीसदी मैच फीस का जुर्माना
इस घटना के बाद ICC ने दोनों खिलाड़ियों पर कार्रवाई की थी. यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो को ICC की आचार संहिता के लेवल-1 अपराध का दोषी पाया गया था. दोनों पर मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना लगाया गया और एक-एक डिमेरिट प्वाइंट भी मिला. यह दोनों का 24 महीने से ज्यादा समय में पहला डिमेरिट प्वाइंट था.
उस समय भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी माना था कि यशस्वी को गेंदबाज के इतने करीब नहीं जाना चाहिए था. उन्होंने कहा था कि शायद गेंदबाज ने कुछ कमेंट किया और यह यह सब गर्मागर्मी में हुआ. कोटक के मुताबिक, यशस्वी को इतना करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन यह उस वक्त के माहौल में हो गया.
यह टेस्ट आखिरकार ड्रॉ रहा. पांचवें और आखिरी दिन सोनल दिनुषा के शानदार प्रदर्शन ने मैच का रुख प्रभावित किया था. सोनल ने तब उस मुकाबले में 264 गेंदों में 133 रनों की पारी खेली थी, जिससे मैच ड्रॉ हो गया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क