विमेन्स एशिया कप 2026 के फाइनल में भारत की स्टार ओपनिंग जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने कमाल की बल्लेबाजी की. दोनों ही खिलाड़ियों ने मैदान पर ऐसा गदर मचाया कि श्रीलंकाई टीम पूरी तरह बैकफुट पर आ गई.
श्रीलंका के खिलाफ इस बड़े मुकाबले में दोनों ने 100 से ज्यादा रनों की पार्टनरशिप की. विमेन्स टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में यह छठा मौका है जब इस जोड़ी ने 100 से अधिक रनों की साझेदारी की है. इसी के साथ उन्होंने यूएई की ईशा ओझा और तीर्था सतीश के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.
अब ये दोनों जोड़ियां दुनिया में सबसे ज्यादा 100 से अधिक रन की पार्टनर्शिप करने के मामले में सबसे आगे निकल चुकी हैं. मैदान पर शेफाली वर्मा ने आते ही ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी शुरू कर दी.
शेफाली वर्मा ने महज 24 गेंदों में एशिया कप के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी जड़ दी. इस टूर्नामेंट में यह उनकी तीसरी फिफ्टी थी, जिसके साथ उन्होंने 2024 एशिया कप में चमारी अटापट्टू के बनाए बड़े रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली.
स्मृति मंधाना की सूझबूझ भरी टाइमिंग और शेफाली वर्मा के कड़क शॉट्स ने मिलकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ कर रख दी. फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में इस सलामी जोड़ी की आक्रामक और सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने भारत को एक विशाल स्कोर की ओर पहुंचा दिया. मंधाना 39 गेंदों में 59 तो वहीं शेफाली ने 39 गेंदों में 68 रन जड़ने में कामयाबी हासिल की.
भारतीय टीम ने बनाए 183 रन
फाइनल में भारतीय टीम ने बोर्ड पर 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. यह इस टूर्नामेंट का भारत का सबसे बड़ा स्कोर है. स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के आउट होने के बाद मिडल ऑर्डर में अचानक झटके लगे और भारतीय पारी थोड़ी लड़खड़ा गई, जिससे रनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई.
लेकिन आखिरी ओवरों में ऋचा घोष और गुणालन कमलिनी ने तूफानी अंदाज में आक्रामक बल्लेबाजी की और टीम का स्कोर 180 के पार पहुंचा दिया. दुबई की धीमी पिच को देखते हुए फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में श्रीलंका के लिए यह लक्ष्य हासिल करना बिल्कुल आसान नहीं है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क